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नागदा में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा, चारों डैम हुए ओवरफ्लो; मां चामुंडा मंदिर तक पहुंचा नदी का पानी
मानसून की पहली ही तेज बारिश ने नागदा और आसपास के क्षेत्रों में चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया। लगातार हुई बारिश के कारण चंबल नदी पर बने सभी चार प्रमुख डैम ओवरफ्लो हो गए। इससे नदी पूरे वेग के साथ बहने लगी और आसपास का प्राकृतिक दृश्य आकर्षण का केंद्र बन गया। लंबे समय बाद नदी में इतना अधिक पानी आने से क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा गया।
लगातार हुई बारिश का सबसे अधिक असर चंबल नदी के कैचमेंट एरिया में देखने को मिला, जहां भारी जलभराव के चलते डैम तेजी से भर गए। देर रात अंतिम हनुमान डैम भी अपनी पूरी क्षमता तक भरकर ओवरफ्लो हो गया। इसके बाद चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता गया और नदी का बहाव पहले की तुलना में काफी तेज हो गया।
नदी का पानी बढ़ने के साथ ही मां चामुंडा मंदिर तक भी पहुंच गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे शुभ संकेत माना गया और श्रद्धालुओं ने इसे मां चामुंडा का प्राकृतिक जलाभिषेक बताया। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई और कई श्रद्धालु इस दृश्य को देखने पहुंचे।
चंबल नदी में उफान आने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचने लगे। नदी का तेज बहाव और ओवरफ्लो होते डैम देखने के लिए स्थानीय नागरिकों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और नदी के तेज बहाव के पास नहीं जाने की अपील की।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने नदी किनारे विशेष इंतजाम किए। मंदिर के सामने लगने वाले प्रसादी के ठेलों को सुरक्षित स्थान पर हटाया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही सीमित की गई। पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ाई गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड के प्रशिक्षित तैराकों को नदी किनारे तैनात किया गया। इसके साथ ही रात के समय निगरानी के लिए प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया।
इस वर्ष मानसून की शुरुआत से ही नागदा क्षेत्र में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर और आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना हो गया है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है और वातावरण में ठंडक महसूस की जा रही है।
बारिश के चलते जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंचने से क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिला है। चंबल नदी में पर्याप्त जल उपलब्ध होने से आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता को लेकर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शुरुआती मानसून में अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इससे नदी, डैम और अन्य जल स्रोत तेजी से भर गए हैं। अच्छी बारिश के कारण जल संरक्षण की स्थिति मजबूत हुई है और क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना बढ़ गई है।
हालांकि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी के तेज बहाव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। विशेष रूप से बच्चों और पर्यटकों को नदी के किनारे जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि बारिश और जलस्तर में होने वाले बदलाव के अनुसार समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।