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पर्यावरण की सुरक्षा का दिया संदेश
इंजीनियरिंग कॉलेज के 50 वर्ष पूर्ण होने पर कॉलेज एवं पूर्व विद्यार्थियों के तत्वावधान में स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत गुरुवार को 7.5 किलोमीटर की मैराथन दौड़ एवं 3.5 किमी की हेरिटेज वॉक पैदल दौड़ के साथ हुई। मैराथन में वर्तमान विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी एवं विभिन्न क्षेत्रों के धावकों ने भाग लिया। मैराथन को रन फॉर अर्थ नाम दिया गया था जिसके माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मैराथन गुरुवार सुबह ८.३० बजे इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू हुई। कॉलेज परिसर में कलेक्टर संकेत भोंडवे ने मैराथन का शुभारंभ किया। मैराथन देवास रोड, पुलिस लाइन, पॉलीटेक्निक कॉलेज, बिरला हॉस्पिटल चौराहा, नानाखेड़ा, महामृत्युंजय द्वार होती हुई पुन: इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंची।
मैराथन के लिए रजिस्ट्रेशन सुबह ६ बजे इंजीनियरिंग कॉलेज में ही हुए। साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी किए गए। मैराथन में विभिन्न संस्थाओं ने भी सहयोग किया। मैराथन क्लब इंदौर ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की थी। इस हेतु पूर्व छात्र सुमित पटवा के नेतृत्व में विद्यार्थियों की टीम ने प्रचार-प्रसार किया।
जगह-जगह पानी की व्यवस्था
मैराथन के लिए निर्धारित रूट पर जगह-जगह पानी की व्यवस्था की गई थी। दौड़ में किसी भी प्रकार के डिस्पोजल एवं पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया गया क्योंकि दौड़ का मुख्य उद्देश्य लोगों में पृथ्वी एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात
रन फॉर अर्थ में विद्यार्थी जिस भी मार्ग से गुजरे उस पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मार्ग पर वाहनों को भी प्रतिबंधित किया गया। इस दौरान कुछ पुलिस जवानों ने ड्यूटी को लेकर शिकायत भी की। नाम न छापने की शर्त पर जवानों ने बताया मैराथन का टाइम ८.३० बजे का है और हमें ७ बजे से इतनी ठंड में ड्यूटी पर लगा दिया गया है।