- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
- भारतीय टीम के खिलाड़ी नितेश कुमार रेड्डी पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल!
पलक झपकते ही श्रद्धालुओं के बैग, कपड़े उड़ा देते हैं बदमाश
उज्जैन। श्रावण मास में महाकालेश्वर दर्शन के लिये देश भर के हजारों श्रद्धालु शहर पहुंच रहे हैं। यही श्रद्धालु शिप्रा नदी स्नान व उज्जैन दर्शन भी करते हैं। शिप्रा नदी में स्नान के लिये रामघाट पहुंचने वाले यात्रियों का सामान व कपड़े बैग चोरी होने का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। पिछले तीन दिनों में यहां 4 यात्रियों के बैग व कपड़े चोरी हुए।
शिप्रा नदी में स्नान करने के लिये सुबह से शाम तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। इनमें देश भर के वह श्रद्धालु शामिल होते हैं जो महाकालेश्वर दर्शन को शहर आते हैं। रामघाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा घाट क्षेत्र में स्नान के दौरान श्रद्धालु अपने बैग, कपड़े घाट पर रख देते हैं इसी का फायदा उठाते हुए घाटों पर सक्रिय बदमाश कपड़े व बैग चोरी कर लेते हैं। पिछले तीन दिनों में रामघाट क्षेत्र में चोरी की 4 वारदातें हुईं जिनमें तीन श्रद्धालुओं के बैग चोरी हुए जिनमें कपड़ों के अलावा कीमती सामान भी रखा था जबकि एक व्यक्ति का नहाने के दौरान पेंट चोरी हो गया। उक्त व्यक्ति पुलिस चौकी पर शिकायत करने पहुंचा और होमगार्ड जवानों को बताया कि पेंट में कीमती मोबाईल, पर्स आदि सामान रखा था जिसके बाद उसे थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही गई।
एक पुलिसकर्मी, 4 जवान
महाकाल थाना अंतर्गत आने वाले शिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा, सुनहरी घाट, नृसिंह घाट तक पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिये एक जवान को पुलिस विभाग द्वारा तैनात किया गया है, जबकि करीब आधा किलोमीटर लंबे घाट के दोनों ओर हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करते हैं ऐसे में एक व्यक्ति द्वारा इतने लोगों पर निगरानी रखना मुश्किल होता है। यहां सुरक्षा की दृष्टि से होमगार्ड के 4 जवानों को भी तैनात किया गया है जो तैराक भी हैं। समय समय पर नदी में डूबने वाले या दुर्घटना का शिकार होने वाले लोगों को तैराक दल द्वारा बचाया जाता है।