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पशु बाड़ा संचालकों को दुरुस्त करने उतरा अमला, जेसीबी देख उड़ गए होश
उज्जैन | आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर शुक्रवार को भी नगर निगम की टीम अवैध बाड़ों की तुड़ाई करने मैदान में उतरी। दिनभर में पांच बाड़ों पर टीम ने दबिश दी लेकिन इनमें से दो जगह टीन शेड के चंद पतरे उखाड़े और तीन स्थानों पर नोटिस, समझाइश की कार्रवाई कर टीम लौट गई। कार्रवाई के दौरान हरिफाटक ब्रिज क्षेत्र में हंगामे की स्थिति भी बनी।
पुलिस बल के साथ निगम उपायुक्त संजेश गुप्ता, सहायक आयुक्त सुबोध जैन, कार्यपालन यंत्री अरुण जैन, गैंग प्रभारी मोनू थनवार सुबह करीब ११.३० बजे हरिफाटक ब्रिज गदा पुलिया क्षेत्र पहुंचे। यहां ब्रिज के नीचे पतरे व ईंटों से बाड़ा बना रखा था। बाड़े में मवेशी नहीं थे लेकिन एक कक्ष में बड़ी मात्रा में खाद जमा था। टीम जब यहां बाड़ा तोडऩे पहुंची तो पूर्व में गोशाला चलाने वाले रूपेश ठाकुर ने आपत्ति ली। ठाकुर ने पिछली कार्रवाई के दौरान ही सभी मवेशी दान करने का हवाला देते हुए हंगामा किया। अधिकारियों ने बाड़ा हटाने का कहा। इस पर ठाकुर ने कुछ दिन में स्वयं बाड़ा हटाने की बात कही। अधिकारियों ने और समय देने से इनकार करते हुए कुछ पतरे उखड़वाए और शेष निर्माण जल्द हटाने कह लौट गए। इसके बाद चार अन्य स्थानों पर भी टीम पहुंची।
स्पॉट-२- पुलिसकर्मी के घर बाड़ा, दिया नोटिस
निगम की टीम जयसिंहपुरा क्षेत्र पहुंची। यहां पुलिसकर्मी पीएस चौहान के घर पर पशु बाड़ा बना हुआ था और इक्का-दुक्का मवेशी भी थे। चौहान ने अधिकारियों को बताया कि घर पर दो ही मवेशी है। उनका परिवार पशु लाते व विक्रय करते हैं, उन्हें खुला नहीं छोड़ते हैं। अधिकारियों ने पूर्व में चौहान के परिवार को जारी नोटिस नहीं लेने पर नाराजगी जताई। इस पर चौहान ने तत्समय घर पर नहीं होने का हवाला दिया। निगम ने मौके पर ही चौहान को नोटिस जारी कर २४ घंटे में जवाब प्रस्तुत करने का कहा।
स्पॉट-३- दल कार्तिक चौक शीतला माता की गली क्षेत्र में पहुंचा।
यहां शंकरलाल अजय यादव के नाम नोटिस जारी किया गया था। मौके पर बड़ा खाली भूखंड था और एक हिस्से में रूम व टीनशेड बना हुआ था। पूछने पर परिजन राजा ने बताया कि कुछ पशु दान कर दिए हैं और कुछ खेत पर ले गए हैं। परिवार भी खेत पर ही रहता है। शहर में उनका एक भी मवेशी नहीं है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस भूखंड पर दोबारा मवेशी नजर आया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां भी दल ने शेड का कुछ भाग तोड़ा।
स्पॉट-४
दोपहर बाद निगम गैंग दूसरे चरण में फिर कार्रवाई शुरू करते हुए उर्दूपुरा क्षेत्र पहुंची। यहां राधेश्याम का बाड़ा जिसमें कई भैंसे बंधी हुई थीं। संचालक ने मवेशियों को खुला नहीं छोडऩे का हवाला दिया। अधिकारियों ने शहर में दो मवेशी से अधिक नहीं रखने की बात कही। संचालक ने जल्द ही मवेशी हटाने की सहमति दी। बांड ओवर की कार्रवाई का कह व जल्द पशु हटाने की चेतावनी देकर टीम लौट गई।
स्पॉट-५
दल जीवाजीगंज स्कूल क्षेत्र पहुंची। स्कूल के नजदीक सत्यनारायण का पशु बाड़ा है, जहां भैसों के साथ कुछ गाय भी थी। यहां भी निगम अधिकारियों ने बांड ओवर का कह व जल्द मवेशियों को शहर से बाहर भेजने की चेतावनी दी।
मवेशियों का कुछ दूरी पर ही जमावड़ा
निगम अमला जहां भी कार्रवाई करने पहुंचा, अधिकांश जगह पशु मालिकों ने या तो दो मवेशी रखने, मवेशी दान देने या इन्हें खेतों पर पहुंचाने का हवाला दिया। इसके विपरित कार्रवाई वाले क्षेत्रों में आसपास ही आवारा मवेशियों का जमावड़ा भी नजर आया। गदा पुलिया के दूसरे भाग में ही आवारा मवेशी सड़कों पर घूम रहे थे। इसी तरह शीतला माता की गली में दल जिस मार्ग से पहुंचा, सड़क पर ही चार-पांच मवेशी पसरे हुए थे।