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पूरे कोरोनाकाल की सबसे भयावह तस्वीर:हेल्थ बुलेटिन में कोरोना से 1 मौत
सिसकियों की गूंज यहां थम ही नहीं रही है। जिधर देखो उधर शवों की कतार है। सुबह से रात तक यहां के कर्मचारी जलती चिताओं, दहकते अंगारे देख बदहवास से हो गए हैं। दाह संस्कार के लिए यहां शवों की कतार लगी है। ये भयावह तस्वीर है कोरोना संदिग्ध शवों की अंत्येष्टि के लिए सुरक्षित त्रिवेणी मोक्षधाम की। रामघाट स्थित चक्रतीर्थ पर लकड़ियाें और कंडों का भंडार रोज खाली हो रहा है।
इतना भयावह बीता रविवार
50 शव का दाह संस्कार हुआ दिनभर में 2 मुक्तिधामों पर
- कोरोना संदिग्ध 20 शव
- अन्य लोगों के 30 शव
इतने शव पहुंच गए कि हर तरफ जल रही थी चिताएं
स्थिति इतनी विकट थी कि अंत्येष्टि के लिए शवों को इंतजार करना पड़ा। चक्रतीर्थ मोक्षधाम के कर्मचारियों ने बताया रविवार को 30 शवों का यहां दाह संस्कार हुआ है। त्रिवेणी मोक्षधाम के कर्मचारी ने बताया कि सुबह से लेकर रात तक यहां अंत्येष्टि हो रही है। कोरोना संदिग्ध 20 शवों का यहां दाह संस्कार कराया है। इसमें सीएनजी शवदाह गृह में रात 10 बजे तक 7 शवाें की अंत्येष्टि हुई है। 13 शवों को लकड़ी, कंडों से दाह संस्कार किया है।
इन कॉलोनियों के निवासी
त्रिवेणी पर कोरोना संदिग्ध 20 शव कानीपुरा, सांवेर रोड, सिंधी कॉलोनी, लखेरवाड़ी, विश्व बैंक कॉलोनी, माधवनगर, ऋषिनगर, विश्व बैंक कॉलोनी, बसंत विहार, गीता भवन बड़नगर, असलावदा आदि क्षेत्रों से यहां पहंुचे।
संक्रमण से बचाव के लिए न किट न सैनिटाइजर
संदिग्ध शवों की अंत्येष्टि के लिए त्रिवेणी मोक्षधाम अधिकृत है। तीन दिन पहले तक यहां 6 कर्मचारी पदस्थ थे, जिनकी संख्या अब 12 कर दी हैं। लापरवाही यह है कि कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए यहां किट नहीं है। कुछ कर्मचारी किट में तो कुछ सामान्य कपड़ों में ही अंत्येष्टि कार्य में जुटे दिखाई दिए। कर्मचारियों ने बताया एक किट 7 दिन उपयोग में आती है। किट कम होने से संक्रमण का डर है। तीन दिन से निगम ने यहां सैनिटाइजर भी नहीं भेजा है।