- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म चढ़ी, गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकुंभ जैसा होगा सिंहस्थ 2028, पार्किंग स्थलों का हुआ निरीक्षण: अधिकारियों के जारी किए निर्देश, कहा - घाट तक आसान पहुंच पर जोर
- महाकाल मंदिर पहुंचे मिलिंद सोमन और नितीश राणा: भस्म आरती में हुए शामिल, 2 घंटे नंदी हॉल में किया जाप
- तड़के महाकाल के कान में स्वस्ति वाचन, फिर खुला चांदी का पट! भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दर्शन
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, इंदौर-देवास से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग पार्किंग और रूट प्लान तैयार करने के निर्देश; संभागायुक्त बोले- घाट निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, समयसीमा में काम पूरा करें
पूर्णिमा की भस्म आरती में मावे और भांग से सजे बाबा महाकाल, चंद्र, बिल्व पत्र और त्रिपुंड भी लगाया
सार
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंड़े पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट, मुंड माला धारण करवाई गई।
आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि पूर्णिमा तिथि व शनिवार के संयोग पर भस्मआरती में बाबा महाकाल का मावा और भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। साथ ही शीष पर चन्द्र, बिल्व पत्र और त्रिपुंड भी सजाया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।