- महाकाल लोक में फायर सेफ्टी ट्रेनिंग: सुरक्षाकर्मियों को सिखाए आग से बचाव के तरीके, एक्सटिंग्विशर चलाने की दी ट्रेनिंग
- महाकाल की भस्म आरती में स्नेहा राणा: 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर की आराधना, मंत्री संजय सिंह ने भी किए दर्शन
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में 800 ‘आपदा मित्र’ होंगे तैनात, शिप्रा घाटों पर दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
- जया किशोरी पहुंचीं महाकाल दरबार: नंदी हॉल में किया जाप, जल अर्पित कर लिया आशीर्वाद
- तड़के खुला महाकाल का दरबार: पंचामृत अभिषेक के बाद त्रिपुंड और मुकुट में सजे बाबा के दिव्य दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
प्याज के बाद अब आलू के गिरते भाव ने किसान को रुलाया
उज्जैन | इस बार किसानों को आलू रूला रहा है। ४ से ६ महीने वेयर हाऊस में सुरक्षित रखे जाने के बावजूद आलू को सही दाम नहीं मिले। अब तो मंडी में हालात यह है कि न वाजिब भाव मिल रहा है और न फड़ पर जगह मिल रही है।
इन दिनों मंडी में करीब २० हजार बोरी यहां-वहां बिकवाली के लिए पड़ी है और रोज ही ३ से ४ हजार बोरी आलू की आवक हो रर्ही है। सब्जी मंडी के फड़ आलू की आवक से हाउसफुल हो गए हैं। मंडी व्यापारियों-आढ़त व्यवसाय करने वालों के अनुसार अगले माह तक किसी भी सुरत में किसानों को अपना आलू वेयर हाऊस से हटाना है क्योंकि दिसम्बर महीना बीतते ही नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी।
ऐसे में किसानों के पास अपना आलू मंडी में भेजने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचा है। स्थिति यह है कि यहां रखा आलू तेजी से सडऩे लगा है और उचित दाम न मिलने से आलू अब किसान यहां वहां भी फेंकने लगे हैं।
मंडी में मात्र २५ रुपये बोरा बिक गया आलू
गुरुवार को चिमनगंज सब्जी मंडी में आलू निम्नतम २५ रुपये बोरा (भर्ती ६० किलो) के स्तर पर बिक गया। कारण यह कि लेवाली नहीं है और यहां २० हजार बोरे बेचने के लिए फड़ पर पड़े हैं।