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बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में जिले को पांचवीं रैंकिंग
उज्जैन | जिला स्वास्थ्य विभाग के लिए यह उपलब्धि कम नहीं की 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण सहित अन्य कमजोरियां जांचने के लिए चल रहा अभियान लगभग 2 लाख बच्चों के आंकड़े तक पहुंचने वाला है। हालांकि यह अभियान 18 जनवरी को ही पूर्ण होना था लेकिन प्रदेश स्तर पर इसे 27 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
स्वास्थ्य परीक्षण अभियान को देख रहे सीएचएमओ डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि हमने अनुमान लगाया था कि लगभग 2 लाख बच्चे शून्य से 5 वर्ष की उम्र के दायरे में आते हैं। आंगनवाड़ी से लेकर घर-घर तक इन बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण इन में विभिन्न बीमारियों कुपोषण आदि की स्थिति जांचने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं।
उज्जैन के लिए यह सुखद है कि अभी तक के अभियान में उज्जैन को पांचवीं रैंकिंग हासिल हुई है और 27 जनवरी तक इस रैंकिंग में और अधिक सुधार होने की संभावना है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि बच्चों के परीक्षण के साथ ही उन्हें उपचार कार्ड भी दिया जा रहा है ताकि समय-समय पर अभिभावक बच्चों को आवश्यक टीके भी लगवा लें और इनका रिकॉर्ड भी विभाग के पास रहे।