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बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिये समाज को आगे आना होगा –अपर कलेक्टर बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान की बैठक हुई
बाल भिक्षावृत्ति एक बड़ी समस्या है, समाज को इसको रोकने के लिये सामने आना होगा। सभी विभागों को समन्वित योजना बनाकर इसकी रोकथाम करने हेतु प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। अपर कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने यह बात आज बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान की बैठक में कही।
बैठक में जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी साबिर एहमद सिद्धिकी ने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान में विभिन्न विभागों को कलेक्टर संकेत भोंडवे ने पत्र लिखकर जिम्मेदारी सौंपी है। सौंपी गई जिम्मेदारी अनुरूप गृह विभाग को किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार कार्यवाही करना है। रेलवे पुलिस के माध्यम से रेलवे स्टेशन एवं परिक्षेत्र में रहने वाले बच्चों का पुनर्वास सुनिश्चित करना है। इसी तरह पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग को भिक्षावृत्ति से जुड़े परिवारों को रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम से जोड़ना एवं कार्य योजना बनाना है।
स्कूल शिक्षा विभाग को विद्यालय छोड़ चुके भिक्षावृत्ति करने वाले, कूड़ा बीनने वाले बच्चों का विद्यालय में पुनर्प्रवेश सुनिश्चित करने का काम सौंपा है। इसी तरह अनुसूचित जाति, जनजाति विभाग, श्रम विभाग, चिकित्सा विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग, तकनीकी कौशल विभाग को भी भिक्षावृत्ति रोकने सम्बन्धित काम सौंपे गये हैं।