- श्रावण में उज्जैन आने वाले हर श्रद्धालु का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए होगा देश का सबसे बड़ा सर्वे
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 10-07-2026
- सिंहस्थ-2028 की तैयारी को मिलेगी नई रफ्तार, उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन परियोजना को केंद्र से हरी झंडी
- नागदा में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा, चारों डैम हुए ओवरफ्लो; मां चामुंडा मंदिर तक पहुंचा नदी का पानी
- श्रावण में किस रास्ते से निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी? मार्ग को लेकर बढ़ी उत्सुकता, भक्तों ने प्रशासन से मांगी स्पष्ट जानकारी
भस्म आरती में बाबा महाकाल के शिवलिंग पर किया सर्प से शृंगार, भक्त ने किया चांदी का छत्र भेंट
सार
आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस के संयोग पर भस्म आरती में बाबा महाकाल के शिवलिंग पर सर्प की आकृति निर्मित की गई। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस तिथि पर शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खोले गए। पण्डे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण करवाया गया। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस के संयोग पर भस्म आरती में बाबा महाकाल के शिवलिंग पर सर्प की आकृति निर्मित की गई। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।