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मंडी बोर्ड किसानों की उपज को एक ही छत के नीचे बेचने को आतुर
मंडी बोर्ड किसानों की उपज को एक ही छत के नीचे बेचने को आतुर फल, सब्जी, आलू, प्याज, लहसुन से संभाग की मंडियों को लिंक किया गया है। सरकार किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलवाकर उनका सही हक मिले इसके लिए अभिनव योजना पर काम कर रही है। उज्जैन की आलू, प्याज, लहसुन मंडी सफलतापूर्वक चलने और लाखों रुपए की आय अर्जित करने वाली पहली मंडी बन गई है। यह अलग कि हरी सब्जी की मंडी अलग-अलग लगती है। इसी प्रकार फल की उज्जैन मंडी नाम की रह गई है। 80 फीसदी फलों का व्यापार शहर में हो जाता है। मंडी का उद्देश्य टैक्स कमाना नहीं बल्कि किसानों को उनकी उपज एक छत के नीचे लाकर प्रतिस्पर्धा भाव दिलाना है। उज्जैन मंडी बोर्ड के अधिकारी एससी वशिष्ठ इससे गहरा इत्तेफाक रखते हैं। संभाग की छोटी से छोटी मंडियों में फल, आलू, प्याज और लहसुन का विक्रय करे इसके लिए अधिकारियों की इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है।