- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
मंदिर प्रशासन को पत्र का इंतजार, इसलिए नहीं थमाए नोटिस
उज्जैन:महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और माधव सेवा न्यास द्वारा किराए पर दी गई दुकानों के कतिपय दुकानदारों द्वारा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ धोखा किया जा रहा है।
कतिपय दुकानदार जो दूध बेच रहे है, उसमें पानी की मात्रा अधिक पाई गई है, बावजूद इसके दुकानदारों को महाकाल मंदिर प्रशासन की तरफ से अभी तक नोटिस जारी करने की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इसके पीछे कारण यह है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की तरफ से मंदिर प्रशासन को न तो अवगत कराया गया है और न ही संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है।
इसलिए मामला गंभीर
मंदिर प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर प्रबंध समिति की दुकानों को किराए से दे रखा है। यदि इन दुकानों पर पानी मिला दूध श्रद्धालुओं को बेचा जाता है तो यह गंभीर मामला है। वैसे हमें अभी कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग भी कार्रवाई कर सकता है, बावजूद इसके हमारे द्वारा भी कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन जब तक लिखित में अवगत नहीं कराया जाए, तब तक हम कुछ नहीं कर सकते है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने चेतावनी देने के लिए कहा था
इधर दुकानदारों द्वारा पानी मिले दूध बेचने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी यह कहा था कि नोटिस जारी कर दुकानदारों से ऐसा दूध नहीं बेचने की चेतावनी दी जाएगी। बीते दिनों ही खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने पूजन सामग्री की कुछ दुकानदारों के यहां से दूध के नमूने लिए थे। जिस दूध से श्रद्धालुओं द्वारा बाबा महाकाल का अभिषेक किया जाता है, उसमें अधिकतम पानी ही है। कतिपय दुकानदार पानी मिला दूध बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे है।
यह होना चाहिए दूध में
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुद्ध दूध में क्रीम 4.5 फीसदी और एसएनएफ यानी पावडर की मात्रा
8.5 फीसदी होना चाहिए। सभी नमूनों की रिपोर्ट में क्रीम की मात्रा एक फीसदी से भी कम आई है। पावडर मानक का आधा ही होना पाया हैं।
अखबारों में ही पढ़ा है
अक्षरविश्व से चर्चा करते हुए महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि मिलावटी दूध बेचने की जानकारी अखबारों के माध्यम से ही मिली है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंदिर प्रशासन को पत्र देकर उन दुकानदारों की जानकारी मुहैया करा दे, जिनके दूध के नमूने अमानक पाए गए है। हम ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई जरूर करेंगे।