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मध्य प्रदेश:भोपाल, इंदौर,उज्जैन समेत 12 जिलों में सरकार बेचेगी शराब
भोपाल. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश आने के बाद आखिरकार शराब दुकानों के खोले जाने को लेकर स्थिति साफ हो गई है। प्रदेश में 67 फीसदी शराब ठेकेदारों ने दुकानें सरेंडर कर दी हैं। इसके बाद अब 9 जून से सरकार इन दुकानों का संचालन शुरू कर देगी। इसके साथ ही राज्य के इन 12 जिलों में सरकार शराब बेचेगी। एक अनुमान के मुताबिक, सरकार को मई में 33 फीसदी दुकानों से 150 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। प्रदेश में शराब की देसी 2544 और विदेशी शराब की 1061 दुकानें हैं। इतनी बढ़ी संख्या में सरकार पहली बार दुकानों का संचालन करेगी।
भोपाल के साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, कटनी और रीवा के ठेकेदार पहले ही कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्णय लेने की बात कह चुके थे। ऐसे में शनिवार तक प्रमुख शहरों के सभी ठेकेदारों ने शॉप सरकार को सौंप दीं। उन्होंने आबकारी विभाग को शपथ पत्रों के साथ इसकी जानकारी भी दे दी है। हाईकोर्ट ने ठेकेदारों को स्थिति स्पष्ट करने के लिए तीन दिन का मौका दिया था।
नीलामी होने तक सरकार चलाएगी दुकान
सहायक आयुक्त भोपाल संजीव दुबे ने बताया कि भोपाल में सभी ठेकेदारों ने अपनी दुकानें सरेंडर कर दी है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शराब दुकानों के संचालकों को तीन दिन में अपनी स्थिति साफ करना था, ऐसे में राजधानी में सभी दुकानों का अधिकारी शासन के पास आ गया है। अब 8 जून तक विभाग द्वारा इसे फाइल कर दिया जाएगा। उसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में 9 जून से शासन द्वारा नए टेंडर होने तक दुकानों का संचालन किया जाएगा।