महाकाल की पहली सवारी को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज, 30 जुलाई तक पूरे होंगे मार्ग विकास कार्य

आगामी 3 अगस्त को निकलने वाली भगवान महाकाल की प्रथम सवारी को लेकर उज्जैन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सवारी मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को संभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने सवारी मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण, निर्माण और अन्य विकास कार्यों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी जरूरी कार्य 30 जुलाई तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि पहली सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों के दल ने रामघाट से लेकर श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर तक पूरे रूट का भ्रमण किया। इस दौरान रामघाट, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा और महाकाल चौराहा सहित प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को समझा और जरूरी सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और सवारी मार्ग की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। जिन स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण या अन्य कार्य चल रहे हैं, वहां अधिकारियों ने काम की गति बढ़ाने और समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि सवारी के दिन मार्ग पूरी तरह व्यवस्थित और सुविधाजनक रहे।

उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण में शामिल रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान मंदिर प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सवारी मार्ग पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, यातायात संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि बाबा महाकाल की प्रथम सवारी को भव्य और पारंपरिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सवारी मार्ग से जुड़े सभी निर्माण कार्य समय सीमा के अंदर पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे आयोजन के दौरान किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।

प्रशासन की कोशिश है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल की सवारी में शामिल होने के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए मार्ग व्यवस्था से लेकर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन तक सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

महाकाल की सवारी उज्जैन की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है, ताकि ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन पूरी गरिमा के साथ संपन्न हो सके।

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