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महाकाल मंदिर की सुरक्षा में बदलाव संभव संभागायुक्त ने तलब की निजी गार्डों की सूची
महाकाल मंदिर की सुरक्षा में जल्दी ही बदलाव होने की संभावना है। विकास दुबे कांड के बाद मंदिर व श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर उच्च स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। गुरुवार को संभागायुक्त आनंद शर्मा ने मंदिर पहुंच कर समिति के अधिकारियों व सुरक्षा प्रभारियों के साथ अलग-अलग चर्चा की। उन्होंने मंदिर में तैनात निजी एजेंसी के गार्डों की सूची भी तलब की है। विकास दुबे जैसे कुख्यात बदमाश को मंदिर में आसानी से प्रवेश मिल जाने को लेकर शासन स्तर पर मंथन का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को आपदा प्रबंधन की बैठक में भी सांसद अनिल फिरोजिया ने यह मुद्दा उठाया था। गुरुवार को संभागायुक्त का अचानक मंदिर पहुंच कर मंदिर की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल करना, इस बात का द्योतक माना जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में शीघ्र बदलाव किया जाएगा। शर्मा ने पहले मंदिर समिति के प्रशासक एसएस रावत के साथ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने मंदिर में तैनात कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मंदिर में इतने कर्मचारियों की तैनाती क्यों है। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों के साथ अलग से बातचीत की। संभागायुक्त ने सुरक्षा प्रभारी रूबी यादव और प्रशासक के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की। उन्होंने निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से गार्ड तैनात करने पर सवाल उठाया। निजी एजेंसी के माध्यम से तैनात सभी पुरुष और महिला गार्डों की सूची व अन्य जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। निजी एजेंसी की जगह यदि मंदिर समिति स्वयं अस्थायी रूप से निजी गार्ड तैनात करती है तो क्या फायदा होगा। इसके अलावा मंदिर के निजी गार्डों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण आदि को लेकर भी बातचीत की गई। संभागायुक्त ने बताया मंदिर की व्यवस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं काे लेकर अधिकारियाें के साथ सामान्य बातचीत की है। उन्हें सभी व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतजाम चाक चाेबंद रखने काे कहा है।