- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
महाकाल मंदिर में उमा सांझी महोत्सव:2 से 6 अक्टूबर तक मनाया जाएगा, 7 अक्टूबर को निकलेगी मां उमा की सवारी
श्राद्ध पक्ष में महाकाल मंदिर में मनाया जाने वाला उमा सांझी महोत्सव इस साल 2 से 6 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। 7 अक्टूबर को श्री उमा माता की सवारी के साथ महोत्सव का समापन होगा। इस विशेष उत्सव में धर्म व संस्कृति के कई रंग देखने को मिलेंगे। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में तय किया गया कि उमा सांझी महोत्सव में कोविड 19 के तहत सांस्कृतिक आयोजन नहीं किये जाएंगे। इस उत्सव को केवल प्रतीकात्मक रूप में मनाने का निर्णय लिया है। हर साल की तरह इस साल भी भव्य व आकर्षक रंगोली बनाई जाएगी। झांकी भी सजाई जाएगी7 व कुंड में भगवान महाकाल को नौका विहार कराया जाएगा। समापन के पहले 6 अक्टूबर को रात्रि जागरण भी किया जाएगा। समापन के अवसर पर संझा विसर्जन होगा। इन सभी कार्यक्रमों के लिए समितियों का गठन किया गया है।
हर साल अश्विन मास के चंद्र दर्शन की दूज पर माता पार्वती की सवारी निकलती है। साल में एक बार निकलने वाली सवारी में माता उमा रजत पालकी में और भगवान महाकाल मनमहेश रूप में नंदी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलते हैं। रामघाट पर पुजारी नाव में बैठकर सांझी विसर्जित करते हैं। इसके बाद सवारी महाकाल मंदिर की ओर रवाना हो जाती है। यह सवारी देखने लिए हजारों श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं। बैठक में महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ समिति सदस्य आशीष शर्मा, सहायक प्रशासक पूर्णिमा सिंगी, मूलचंद जूनवाल, प्रतीक द्विवेदी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरपी गहलोत, आरके तिवारी, सुरक्षा अधिकारी दीलिप बामनिया, महेश पुजारी, पं. राधेश्यााम शास्त्री, पं. सत्यनारायण जोशी, पं. लोकेन्द्र व्याास, पं. शैलेन्द्र शर्मा, पं. सुभाषचन्द्रं शर्मा सहित अन्य पुजारी-पुरोहित व मंदिर प्रबंध समिति के शाखा प्रभारी उपस्थित थे।