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महाशिवरात्रि: महाकाल के पुजारी-पुरोहितों ने लिया अनूठा निर्णय
गर्भगृह में वीआइपी एवं 1500 की रसीद से दर्शन पूर्णत: बंद रखें
उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर से जुड़े पुजारी एवं पुरोहितों ने आम दर्शनार्थियों को सुलभता से दर्शन हो सकें, इसलिए 1500 रुपए की रसीद पर अपने यजमानों को जलाभिषेक ना कराने की घोषणा कर आदर्श प्रस्तुत किया है।
अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं प्रभारी मंत्री एवं नगर के वरिष्ठ नेता बटुकशंकर जोशी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वीआइपी, अधिकारी एवं न्यायालय से संबंधित सम्माननीय सभी महाकालेश्वर मंदिर परंपरा एवं नियमों का पालन करते हुए शिवरात्रि पर्व पर गर्भगृह में न जाने का आदर्श प्रस्तुत करें।
प्रबंध समिति द्वारा जिस प्रकार सिंहस्थ पर्व पर व्यवस्था की गई थी तथा गणमान्य वीआइपी एवं प्रबुद्ध लोगों को बैरिकेड्स से दर्शन कराए गए थे, ऐसी ही व्यवस्था महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में की जाना चाहिए। चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि वीआइपी को मंदिर प्रबंध समिति गर्भगृह से दर्शन कराती है और अव्यवस्था होती है, तो इसी समस्त जिम्मेदारी महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की होगी। अभा पुजारी महासंघ ने मुख्यमंत्री एवं प्रबंध समिति से पुन: मांग की है कि वीआईपी को प्रथम बैरिकेड्स से दर्शन कराने के आदेश पारित किए जाएं।