- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
महिलाओं ने किया दशामाता का पूजन
उज्जैन। परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए महिलाओं ने दशामाता का पूजन किया। सुबह से ही महिलाओं ने पीपल के नीचे माताजी की पूजा-अर्चना करने के बाद सूत की वेल धारण की। सनातन धर्म में दशामाता की पूजा एवं व्रत करने का विधान है। मान्यता है कि दशामाता की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि रहती है। इसीलिये महिलाओं द्वारा दशामाता का पूजन किया जाता है। महिलाओं ने पीपल के चारों ओर परिक्रमा करते हुए पेड़ की पूजा की। इसके साथ ही मंगल गीत भी गाये। परिक्रमा के दौरान सूत के धागे को पीपल के चारों ओर लपेटा गया। दशामाता को चावल, लप्सी, कड़ी आदि का भोग लगाया गया। शहर में कई जगह दशामाता का पूजन किया गया।