- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
मोक्ष के लिए करना होगा इन्तजार:उज्जैन में कर्म काण्ड पूजा पर पूर्णतः प्रतिबन्ध
देशभर से गया इलाहबाद और बनारस के बाद कर्मकांड की पूजा और मृत आत्मा की शान्ति के लिए होने वाली उत्तर विधान कर्म गरुड़ पुराण पिंड दान जैसी पूजन को कराने बड़ी संख्या में लोग उज्जैन पंहुचते है।लेकिन 12 अप्रैल से कोरोना महामारी को लेकर कोरोना कर्फ्यू के आदेश उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने दिए थे जिसमे सभी मंदिरों को भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था।
घाटों पर होने वाली कर्म काण्ड पूजन पर भी रोक लगा दी थी। इसके बावजूद शहरों में कोरोना के कारण रोजाना हो रही मौतों को लेकर कई लोग पूजन कराने शिप्रा नदी किनारे घाट पर पहुंच रहे थे। महामारी के विकराल रूप को दखते हुए गुरुवार एडिशनल एसपी ने तीर्थ पुरोहितों को समझाइश देकर सभी कर्मकांड पूजन पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगा दिया है। लेकिन तीर्थ पुरोहित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि श्रद्धालु चाहे तो वे ऑनलाइन कर्मकांड का पूजन करवा सकते है। इस तरह के पूजन कई पंडित अलग अलग शहरों में करवा रहे हैं।
प्रतिबन्ध के बावजूद भी कई लोग राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से उज्जैन पंहुच रहे थे। और मृतकों की आत्मा की शान्ति और मोक्ष के लिए शिप्रा नदी किनारे राम घाट, शनि मंदिर, कालिदेह पैलेस पर पिंड दान और मोक्ष के लिए पूजन कराया जा रहा था। पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि पंडा समिति के सभी पंडितों ने तय किया है कि अगले आदेश तक कर्म काण्ड पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऑनलाइन यह कर्मकांड करवाया जाएंगा। यह प्रक्रिया प्रारंभ भी कर दी गई है। इंदौर के मृतक राजेंद्र शर्मा का ऑनलाइन पिंडदान किया गया।