- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
मोक्ष के लिए करना होगा इन्तजार:उज्जैन में कर्म काण्ड पूजा पर पूर्णतः प्रतिबन्ध
देशभर से गया इलाहबाद और बनारस के बाद कर्मकांड की पूजा और मृत आत्मा की शान्ति के लिए होने वाली उत्तर विधान कर्म गरुड़ पुराण पिंड दान जैसी पूजन को कराने बड़ी संख्या में लोग उज्जैन पंहुचते है।लेकिन 12 अप्रैल से कोरोना महामारी को लेकर कोरोना कर्फ्यू के आदेश उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने दिए थे जिसमे सभी मंदिरों को भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था।
घाटों पर होने वाली कर्म काण्ड पूजन पर भी रोक लगा दी थी। इसके बावजूद शहरों में कोरोना के कारण रोजाना हो रही मौतों को लेकर कई लोग पूजन कराने शिप्रा नदी किनारे घाट पर पहुंच रहे थे। महामारी के विकराल रूप को दखते हुए गुरुवार एडिशनल एसपी ने तीर्थ पुरोहितों को समझाइश देकर सभी कर्मकांड पूजन पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगा दिया है। लेकिन तीर्थ पुरोहित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि श्रद्धालु चाहे तो वे ऑनलाइन कर्मकांड का पूजन करवा सकते है। इस तरह के पूजन कई पंडित अलग अलग शहरों में करवा रहे हैं।
प्रतिबन्ध के बावजूद भी कई लोग राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से उज्जैन पंहुच रहे थे। और मृतकों की आत्मा की शान्ति और मोक्ष के लिए शिप्रा नदी किनारे राम घाट, शनि मंदिर, कालिदेह पैलेस पर पिंड दान और मोक्ष के लिए पूजन कराया जा रहा था। पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि पंडा समिति के सभी पंडितों ने तय किया है कि अगले आदेश तक कर्म काण्ड पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऑनलाइन यह कर्मकांड करवाया जाएंगा। यह प्रक्रिया प्रारंभ भी कर दी गई है। इंदौर के मृतक राजेंद्र शर्मा का ऑनलाइन पिंडदान किया गया।