- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
रिकॉर्ड 7.58 लाख टन गेहूं खरीदी, प्रदेश में उज्जैन दूसरे पर, किसानों की संख्या में अव्वल
उज्जैन. समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर आया है जबकि हमारे जिले में सबसे ज्यादा किसानों ने उपज बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। खरीदी के लिए सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था। उससे डेढ़ गुना ज्यादा खरीदी हुई है। गेहूं खरीदी के लिए जिले में 178 केंद्र बनाए थे। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि लॉकडाउन के दौरान उपज खरीदी कैसे हो। पहली बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किसानों को सुविधाएं जुटाई। जिला आपूर्ति अफसर एमएल मारू के अनुसार रिकॉर्ड 7.58 लाख टन गेहूं की खरीदी हुई है। किसानों को 781 करोड़ रुपए का भुगतान हो गया है। 5.15 लाख टन गेहूं का परिवहन रेलवे के रैक और सड़क मार्ग के जरिए किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए सरकार ने 38 दिन बाद अनुमति दी। जिले में गेहूं बेचने के लिए 99635 किसानों ने सेवा सहकारी केंद्राें पर पंजीयन करवाया है। जिले में किसानोंं ने 4.08 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की थी। अनुमान के मुताबिक बंपर पैदावार हुई। मंडियों के दरवाजे बंद थे एेसे में किसानों के लिए बेचने के लिए केवल एक स्थान था- सरकारी खरीदी। 22 अप्रैल को खरीदी शुरू हुई तो उनका इंतजार खत्म हो गया। समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल पर पंजीकृत किसानों को एनआईसी भोपाल से एसएमएस भेजकर गेहूं खरीदी शुरू की। जिले में गत वर्ष गेहूं खरीदी के लिए 123 केंद्र बनाए थे।