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वायरल इंफेक्शन:हर दिन 140 से 160 बच्चे बीमार; बच्चों का इलाज करवाने जा रहे माता-पिता को खुद के लिए भी दवाइयां लिखवाना पड़ रही
आमतौर पर बारिश के दौरान होने वाला वायरल इंफेक्शन गरमी शुरू होने के दौरान फैल रहा है। बदलते मौसम में वायरल का अटैक बच्चों से लेकर बड़ी उम्र के लोगों पर हो रहा है। इसमें घर में एक सदस्य के बीमार होने पर पूरा परिवार ही बीमार हो रहा है। बच्चे का इलाज करवाने जा रहे माता-पिता को भी डॉक्टर से इलाज लिखवाना पड़ रहा है। ठीक होने में 7 से 10 दिन लग रहे हैं। चरक अस्पताल के शिशु रोग विभाग में ही एक दिन में 140 से 160 मरीज आ रहे हैं। ऐसे में अस्पताल के तीन वार्ड खोलना पड़े। इनमें बीमार बच्चों को भर्ती किया जाकर इलाज किया जा रहा है। वायरल इंफेक्शन का खतरा पिछले सात दिनों से बढ़ गया है। चरक अस्पताल के शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेशकुमार शाक्या का कहना है कि पिछले सात दिनों से वायरल इंफेक्शन फैला हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा संक्रमण की चपेट में छोटे बच्चे आ रहे हैं। शिशु रोग विभाग में बीमार बच्चों का आंकड़ा 160 तक पहुंच गया है। एक दिन में इतने बच्चों के पहुंचने से हॉस्पिटल बीमार बच्चों से भर गया है। मुख्य वार्ड के सभी बेड भर जाने पर अतिरिक्त वार्ड शुरू करना पड़े हैं । यह भी पाया जा रहा है कि परिवार के एक सदस्य के बीमार होने पर बाकी के लोग भी वायरल इंफेक्शन का शिकार हो रहे हैं। इन्हें ठंड लगकर तेज बुखार आ रहा है और हाथ-पैर में दर्द बना रह रहा है।
दवाइयां बेअसर… चार-छह घंटे में आ रहा बुखार
दवाइयां दिए जाने के बाद भी बच्चों में बुखार बना रहता है या कुछ समय के लिए सुधार होता है और फिर बुखार आना शुरू हो रहा है। खास बात यह भी है कि बारिश के दौरान आने वाला वायरल बुखार गर्मी शुरू होने के समय फैल रहा है। वायरल इंफेक्शन में हर मरीज के लक्षण एक-दूसरे से अलग सामने आ रहे हैं। मरीजों को ठीक होने में भी सात से दस दिन का समय लग रहा है।
तापमान में अंतर होने से भी बढ़ते है इंफेक्शन के मरीज
डॉ. रवि राठौर के अनुसार इस समय बुखार के साथ मांसपेशियों में तेज दर्द, चलने में परेशानी जिसे वायरल मायोसाइटिस कहते हैं। देखने में आ रहा है कि इसमें मसल एंजाइम क्रिएटिन फॉस्फोकाइनेज (सीपीके) बहुत बढ़ जाते हैं। समान्यत: ओआरएस का घोल, बेड रेस्ट करने से आराम होता है और तीन दिन में दर्द ठीक हो जाता है। दिन और रात के तापमान में अंतर होने के कारण भी वायरल इंफेक्शन बढ़ जाते हैं। परीक्षा के मौसम के कारण बच्चों में मेंटल स्ट्रेस भी इम्युनिटी कम कर वायरल फीवर के अवसर बढ़ा देता है। नवजात व एक साल से छोटे बच्चों में आंखों में गिचड़े आना, कंजेक्टिवाइटिस, सांस चलना, वायरल, निमोनिया भी देखने में आ रहा है।
वायरल इंफेक्शन से ऐसे बच सकते
1. लोगों से हाथ मिलाने से बचना होगा। 2. अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखे। 3. अस्पताल जाएं तो मास्क लगाकर रखे। 4. अपने हाथ को अच्छी तरह से धोते रहे। 5. कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा।
बीमार से बच्चाें काे दूर रखें, प्रोटोकाल का पालन करें
वायरल इंफेक्शन से बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। ऐसे में बीमार लोगों से उन्हें दूर रखे जाने की जरूरत है। प्रोटोकाल का पूरा पालन किया जाना है। डॉ. रवि राठौर, शिशु रोग विशेषज्ञ