- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
विक्रम विश्वविद्यालय : संदिग्ध भूमिका वाले को ही सौंप दी बड़ी जिम्मेदारी
उज्जैन| विक्रम विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेट सॉफ्टवेयर को विकसित करने का हवाला देकर फेलोशिप भुगतान के नाम पर राशि मांगने के मामले में शंका और विवाद के दायरे में आने वाले सिस्टम इंजीनियर को कार्रवाई की बजाए बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इंजीनियर को आइटी का नोडल अधिकारी बना दिया गया है। इसे लेकर आदेश भी जारी कर दिए हैं।
शोधार्थियों से फेलोशिप भुगतान के एवज में राशि मांगने के मामले शिकायतकर्ताओं के साथ ही विवि में प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी संगठनों ने प्रकरण को लेकर विवि में अनाधिकृत तौर पर काम करने वाले सद्दाम मंसूरी खान के साथ सिस्टम इंजीनियर और फेलोशिप नोडल अधिकारी की भूमिका पर सवाल खड़े हुए थे। वहीं सिस्टम इंजीनियर और फेलोशिप नोडल अधिकारी विष्णु सक्सेना पर कार्रवाई की मांग की थी। कुलपति बीके शर्मा ने इस संबंध में कार्रवाई करने के साथ जांच की घोषणा की थी। सक्सेना को नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ जांच के लिए समिति का गठन भी कर दिया गया हैं।
पुलिस ने भी फेलोशिप के संबंध में चेकर-मेकर की भूमिका की जानकारी भी मांगी हैं। फेलोशिप में सक्सेना के पास नोडल अधिकारी के साथ चेकर दायित्व हैं। इसके बाद भी विवि प्रशासन ने फेलोशिप में शंका और विवाद के दायरे में आने वाले अधिकारी पर कार्रवाई करने की बजाए बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके लिए कुलपति के आदेश अनुसार कुलसचिव के हस्ताक्षर से आदेश भी जारी हो चुके हैं।
सॉफ्टवेयर को विकसित करने का तर्क
विक्रम विश्वविद्यालय में अकादमिक कैंलेंडर के अनुपालन और सभी विश्वविद्यालयों में एक समान इंटीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेट साफ्टवेयर को विकसित करना है। इसके तहत विश्वविद्यालय के सभी प्रशासकीय विभागों द्वार की जाने वाली कार्रवाई मसलन प्रवेश से लेकर परीक्षा परिणाम घोषित होने तक पात्रता माईग्रेशन, अंकसूची, ट्रांसक्रिप्ट डिग्री, टीए बिल, मेडिकल बिल, लेखा विभाग की संपूर्ण कार्रवाई, सेवा संधारण, स्कॉलरशिप, भंडार-क्रय, प्रश्न-पत्रों के निर्माण की प्रकिया और विवि के अन्य प्रमुख समग्र विवरण कर तैयार कर कम्प्यूटर में एसआरएस तैयार करने के लिए उपकुलसचिव प्रशासन को नोडल अधिकारी (प्रशासन) और विष्णु सक्सेना सिस्टम इंजीनियर को नोडल अधिकारी (आईटी) बना दिया गया है। इस संबंध में कुलपति बीके शर्मा और कुलसचिव डीके बग्गा से चर्चा के प्रयास किए, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।