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वीआईपी होटलों में नहीं मिल सकेगा बोतलबंद पानी,आदेश जारी
उज्जैन:शहर की वाली बड़ी होटलों में आने वाले ग्राहकों को बोतलबंद पानी नहीं मिल सकेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्लास्टिक कचरे को रोकने के वास्ते हाल ही में आदेश जारी किये है। हालांकि शहर में गिनती के ही बड़े होटल्स हैं, जहां ठहरने वाले लोगों को संबंधित प्रबंधन की तरफ से ही मांग पर बोतलबंद पानी उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन आदेश लागू होने के बाद होटल्स और मालिक ऐसा नहीं कर सकेंगे।
पानी मांगने पर थमाते बोतल
शहर में कई बड़े होटल्स है और यहां अमुमन हर दिन ही देश विदेश के लोग आकर ठहरते है। होता यह है कि कमरों में ठहरे हुए लोग जब पानी की मांग करते है तो बजाय पानी का जग या ग्लास पहुंचाने के, प्लास्टिक की पानी की बोतल सर्व कर दी जाती है। बाद में बोतल का बिल भी ठहरने, खाने पीने के बिल में जोड़ दिया जाता है।
पचास फीसदी कचरा एक बार
उज्जैन समेत प्रदेशभर में हर साल हजारों टन कचरा सिर्फ प्लास्टिक का ही निकलता है। प्लास्टिक का 50 फीसदी कचरा सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्लास्टिक की बॉटल्स भी शामिल हैं। इसी लगातार बढ़ रहे कचरे को रोकने के लिए फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा हाल ही में ये आदेश जारी किया है।
पेपर सील्ड रि-यूजेबल ग्लास
सभी होटल्स को पेपर सील्ड रि-यूजेबल ग्लास की बॉटल्स में पानी ग्राहकों को देना होगा। इस आदेश से जहां पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी। वहीं, सील्ड पानी के नाम पर ग्राहकों से होने वाली लूट से भी राहत मिलेगी।
बॉटलिंग सिस्टम लगाना होगा
आदेश के अनुसार होटल प्रबंधनों को अपने परिसर में ही पीने के पानी का बॉटलिंग सिस्टम स्थापित करना होगा। कांच की बॉटल्स में कागज की सील से बंद बोतलों में पानी दिया जाएगा। यह ग्राहकों के लिए बिल्कुल मुफ्त रहेगा। इसे ग्राहक अपने घर नहीं ले कर जा सकेंगे।
चरणबद्ध रूप से लागू करेंगे
अक्षरविश्व से चर्चा करते हुए खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता ने बताया कि शहर में कई बड़ी होटल्स है, जहां बोतलबंद पानी दिया जाता है। प्लास्टिक कचरा सबसे बड़ी समस्या है। आदेश को चरणबद्ध रूप से शहर में लागू किया जाएगा।