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वो मेरी भूल थी जो मैं उसके साथ चली गई – किशोरी
उज्जैन। पटेल नगर के पास स्थित धनकुट्टा मोहल्ला में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी अल सुबह रामघाट पर रोते हुए यहां तैनात पुलिस जवान मोहन परमार को मिली। वह किशोरी को चौकी पर लाया।ढांढस बंधाया, महाकाल थाने से महिला एसआई को बुलवाया। महिला एसआई ने किशोरी से न सिर्फ पूछताछ की बल्कि उसे लेकर उस जगह तक भी पहुंची जहां उसके साथ कथित प्रेमी द्वारा रेप किया गया था।
रामघाट चौकी पर बैठी किशोरी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। किसी के द्वारा पूछे जाने पर वह ठीक से जवाब भी नहीं दे रही थी। महिला एसआई सुनीता मेवाड़ा जब यहां पहुंचीं और उन्होंने पूछताछ शुरू की तो एक के बाद एक चौंकाने वाली बातें किशोरी ने बताईं। किशोरी ने महिला एसआई को बताया कि वह तीन दिन पहले धनकुट्टा मोहल्ला स्थित घर से दोपहर 4 बजे निकली। कथित प्रेमी राहुल उर्फ इरफान की बाईक पर बैठकर पहले मंगलनाथ गई।
उसके बाद राहुल किन गलियों और रास्तों से उसे कहां ले गया नहीं पता। खेत के बीच बनी एक झोपड़ी में राहुल ने किशोरी को रखा और यहां उसके साथ गलत काम किया। दो दिनों तक गलत काम करने के बाद वह बीती रात उसे रामघाट छोड़ गया साथ ही खर्चे के लिये करीब 70 रुपये भी दिये। राहुल कहकर गया था कि कुछ देर में आता हूं, लेकिन सुबह तक वापस नहीं लौटा।
-जैसा किशोरी ने अक्षर विश्व से बातचीत में बताया
महिला एसआई ऐसे पहुंची घटना स्थल तक…
एसआई सुनीता मेवाड़ा, आरक्षक मोहन परमार ने किशोरी से पूछताछ की जिसके बाद वह घटना स्थल के दृश्य बयां करती रही। एसआई मेवाड़ा ने उसे एक्टिवा पर बैठाया और भूखी माता होते हुए चिंतामण ब्रिज पर पहुंचीं। यहां पुलिस के कैमरे भी लगे हुए हैं। यहीं से गुजर रहे एक व्यक्ति ने किशोरी को देखा तो अचानक रुक गया।
उसने एसआई मेवाड़ा को बताया कि यह किशोरी दो दिन पहले दो लड़कों के साथ ब्रिज पर बैठी थी। इसके बाद किशोरी को ब्रिज के नीचे से रेलवे पटरी पार करते हुए ग्राम दाऊदखेड़ी तक ले गये। पूरे मार्ग को देखकर किशोरी बताती रही कि यह बिल्कुल सही रास्ता है। यहीं स्थित खेत पर बनी झोपड़ी को भी किशोरी ने पहचाना और बताया कि इसी झोपड़ी में राहुल ने उसके साथ गलत काम किया था। पूरे मामले का पटाक्षेप होने के बाद एसआई सुनीता कटारा और आरक्षक मोहन परमार किशोरी को लेकर महाकाल थाने पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू की।
किशोरी ने बताया कि उसकी एक छोटी बहन भी है। पिता ड्रायवर थे लेकिन मां से विवाद के बाद उन्होंने आत्मदाह कर लिया था। मां घर से बाहर नहीं निकलने देती। सिर्फ काम कराती हैं। राहुल से परिचय हुआ जो प्रेम प्रसंग में बदल गया। राहुल का मोबाइल नंबर किशोरी के पास है लेकिन वह स्वीच ऑफ है।