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शहर में तेजी से फैल रहा आई फ्लू:अस्पतालों में मरीजों की लम्बी लाइन, जाने बचाव और सुरक्षा के उपाय
उज्जैन जिले में आई फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हर दिन जिला अस्पताल में 70 से 100 मरीज पहुँच रहे हैं। निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या अलग है। सरकारी अस्पतालों में लम्बी लम्बी लाईन लगी है आई फ्लू से पीड़ित मरीजों की।
आई फ्लू से ग्रसित शहर भर में के मरीज अलग अलग अस्पतालों में ईलाज के लिए पहुंच रहे है। डॉ नीना भावसार ने बताया कि चरक अस्पताल में ही रोजाना औसतन 70 से 100 आई फ्लू के रोगी पहुंच रहे हैं। इस बीमारी के शुरुआत में आंख लाल होने लगती है। पानी का रिसाव होने के साथ आंखों में हल्का दर्द होता है, सूजन भी आता है। रोग बढ़ने पर पलकें चिपकने लगती हैं। तेज रोशनी असहज लगती है। रोगी को चाहिए कि शुरुआती लक्षण प्रतीत होने पर ही डॉक्टर की सलाह लें। आई फ्लू 4 से 5 दिन के इलाज में ठीक हो रहा है। पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे जवान भी इससे पीड़ित है।
क्या करे क्या ना करें –
डॉ नीना भावसार ने कहा कि आंखों पर बार-बार हाथ ना रखें, एक रुमाल साफ सुथरा अपने पास रखें उससे आंख साफ करें। अपने पास की चीजों को बार-बार हाथ ना लगाएं, डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाई समय पर ले,ड्रॉप समय पर आंखों में डालें काला चश्मा लगाएं गुनगुने पानी से आंखों को साफ करते रहे।
इन बातों का भी रखे ध्यान –
कॉमन चीजें शेयर नहीं करें।
हाथों को साफ करते रहें।
काला चश्मा पहनें
आंखों को बार-बार छुए नहीं।
आंखों की जांच करवाएं।
जरुरत हो तो ही घर से बाहर निकले।