- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद रजत चंद्र-त्रिशूल से सजा बाबा का दिव्य रूप, गूंजे जयकारे
- CM मोहन यादव के विजन को रफ्तार: विक्रम विश्वविद्यालय ने शुरू किया अभियान, फार्मा कंपनियों को जोड़ने और स्टूडेंट्स को स्किल्ड बनाने पर फोकस
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर फोकस, अधिकारियों ने किया स्टेशनों का निरीक्षण
शासकीय अस्पतालों में बायोमैट्रिक मशीन से लगेगी अटेंडेंस
सुबह निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर को नदारद मिले डॉक्टर, नर्स और स्टाफकर्मी, नोटिस जारी
पिछले एक पखवाड़े से कलेक्टर द्वारा जिला चिकित्सालय, चरक अस्पताल और माधव नगर अस्पतालों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। उनके द्वारा डॉक्टर, नर्स व स्टाफकर्मियों को समय पर अस्पताल पहुंचने की हिदायतें, नोटिस भी दिये जा रहे हैं बावजूद इसके स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।
अब शासकीय अस्पतालों में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जायेगी और थम्ब इम्प्रेशन से कर्मचारियों को उपस्थिति दर्ज कराना होगी।
कलेक्टर शशांक मिश्र सुबह 8.5 पर जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने सीविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर स्टाफ के अटेंडेंस रजिस्टर मंगवाये। नर्सेस सुप्रीमटेंडेट नर्सों का उपस्थिति रजिस्टर लेकर पहुंची जिनमें 5 नर्सेस समय पर नहीं पहुंचीं तो उनकी उपस्थिति पर क्रॉस लगा दिया गया।
डॉक्टरों के उपस्थिति रजिस्टर में करीब 10 डॉक्टर लेट थे, टेक्निशियन स्टाफ के 8 कर्मचारी समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे थे। सभी के नाम के आगे क्रॉस लगाया गया।
कलेक्टर सिविल सर्जन कार्यालय में बैठे इस दौरान डॉ. पीएन वर्मा व अन्य डॉक्टर उपस्थित रहे। कलेक्टर मिश्र द्वारा निर्देश दिये गये कि जिला चिकित्सालय, चरक अस्पताल, माधव नगर अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जावे और सभी स्टाफकर्मियों की उपस्थिति थम्ब इम्प्रेशन से ली जावे, साथ ही जो स्टाफकर्मी देरी से आये हैं उन्हें नोटिस जारी किया जावे।
समस्याएं भी पूछीं
सिविल सर्जन डॉ. पी.एन. वर्मा ने बताया कि कलेक्टर मिश्र करीब 30 मिनट तक जिला चिकित्सालय में मरीजों के उपचार के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी भी ली। उन्हें सोनोग्राफी मशीन के लिये डॉक्टर, आईसीयू में बैड बढ़ाने और डॉक्टरों की कमी की समस्या से अवगत भी कराया गया।
हड्डी रोग विभाग जिला चिकित्सालय में लाने पर विचार
वर्तमान में हड्डी रोग विभाग माधव नगर अस्पताल में संचालित हो रहा है ऐसे में मरीज को जिला चिकित्सालय से माधव नगर अस्पताल भेजना पड़ता है।
कलेक्टर द्वारा हड्डी रोग विभाग को जिला चिकित्सालय में ही शिफ्ट करने के संबंध में सिविल सर्जन से चर्चा की और इसके लिये योजना बनाने के निर्देश भी दिये।