- उज्जैन में BJP का स्थापना दिवस: 560 बूथों पर कार्यक्रम, जुलूस-आतिशबाजी के साथ मनाया जश्न; नेताओं ने बताया- भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी
- अलसुबह भस्म आरती में सजे बाबा महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- एक्ट्रेस कावेरी प्रियम ने महाकाल की भस्म आरती में की पूजा: बोलीं- यहां की ऊर्जा अद्भुत, 3 साल से आ रहीं उज्जैन!
- स्वस्ति वाचन से खुले पट; भांग-चंदन और पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
शिप्रा किनारे चैंबर चोक, नदी में मिला हजारों गैलन गंदा पानी
उज्जैन। मंछामन, जयसिंहपुरा क्षेत्र के गंदे पानी को नाले के माध्यम से शिप्रा किनारे होते हुए सदावल की तरफ पाइप लाइन डालकर डायवर्ट किया गया है। सुबह शिप्रा किनारे का चैम्बर चोक होने के बाद नाले का गंदा पानी तेजी से शिप्रा नदी में मिलने लगा जिस कारण नदी का पहले से मटमैला पानी अब बदबूदार व दूषित भी हो गया है। सुबह नाले का पानी नदी में मिलते देख श्रद्धालु भी आहत हो उठे।
रामघाट स्थित यमराज मंदिर के बगल से पाइप लाइन के माध्यम से जयसिंहपुरा क्षेत्र के गंदे नाले का पानी सदावल की ओर डायवर्ट किया गया है। यहां पर सुबह कचरा फंसने की वजह से पाइप लाइन का चैम्बर चोक हो गया जिसके बाद चैम्बर के आसपास से गंदे पानी के फव्वारे सीधे शिप्रा नदी में मिलने लगे। यहीं घाटों पर पंडों द्वारा यजमानों से पूजन आदि कर्मकांड कराया जा रहा था। श्रद्धालुओं ने जब नाले का गंदा पानी नदी में मिलते देखा तो उनकी भी भावनाएं आहत हो गईं।
सूचना मिलने पर नगर निगम के सफाईकर्मियों की टीम और पीएचई इंजीनियर मनोज खरात यहां पहुंचे और तुरंत चैम्बर को साफ कराने की कार्रवाई प्रारंभ की, चैम्बर के अंदर से घास और मलबा निकालने का काम भी शुरू हुआ लेकिन करीब एक घंटे तक नाले का गंदा पानी शिप्रा नदी में मिलता रहा। यहां पूजन कार्य कराने वाले पंडों का कहना था नदी का पानी पहले से मटमैला था और अब नाले का गंदा पानी मिलने के बदबूदार और प्रदूषित भी हो गया जिसमें स्नान के बाद श्रद्धालुओं की सेहत खराब हो रही है।