- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
शिप्रा मैया संकट में:वो नंबर-1 इंदौर है जो नाले को फिर नदी बनाने की ओर है और एक हम हैं…जहां गंदगी से खुद मोक्ष मांग रही शिप्रा
मोक्षदायिनी शिप्रा, पौराणिक काल से यह पूजनीय और आस्था का प्रवाह रही है। इसकी हालत हम ही नाले में तब्दिल करने से बाज नहीं आ रहे। दूसरी तरफ इंदौर है जहां गंदे नाले को नदी जैसा स्वच्छ बनाया जा रहा है। इंदौर में शिप्रा जैसी नदी नहीं है इसलिए वहां से रहवासी शहर के सीवरेज को बहाने वाले नाले को नदी में बदलने में जुटे हैं। कई जगह इसमें सफलता भी मिली है।
यह शर्म की बात है कि हमारे पूर्वजों ने जिस पवित्र और स्वच्छ शिप्रा को हमें सौंपा था, हम उसमें रोज कचरा डाल कर नाले में बदलने में लगे हैं। नगर निगम ने शहर की जीवन रेखा कही जाने वाली शिप्रा को साफ रखने के लिए अमला तैनात किया है। घाटों पर विसर्जन कुंड और डस्टबिन आदि की व्यवस्था की है। बावजूद श्रद्धालु पूजन सामग्री, फूल आदि नदी में विसर्जित कर इसे गंदा कर रहे हैं। निगम ने शिप्रा के पानी को स्वच्छ करने के लिए फव्वारे भी लगाए हैं। यदि शिप्रा में कचरा डालने का सिलसिला नहीं रुका तो वह दिन दूर नहीं जब यह पवित्र नदी भी नाले में बदल जाएगी। जरूरत यह है कि शिप्रा को साफ रखने में हम निगम के मददगार बनें।