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शिवरात्रि से पहले महाकाल में भक्तों की कतार, दस लाख का प्रसाद बिका
महाकाल का किया भांग से शृंगार और फूलों से मंदिर को सजाया गया
महाकाल में शिवरात्रि से पहले ही भक्तों की भीड़ बढऩे लगी है। रविवार को करीब 10 लाख से ज्यादा का लड्डू प्रसाद बिक गया है। सोमवार को भी भक्तों की भीड़ बढऩे से प्रसाद के लिए भक्तों की लाइन लगने लगी थी। वहीं महानंदा नवमी और गुप्ता नवरात्र के पारणे पर रविवार को महाकाल को फूलों से सजाया गया था। एक भक्त ने भांग का शृंगार कराया।
उज्जैन।रविवार को महाकाल में भक्तों की भीड़ रही। पांच प्रसाद वितरण काउंटर से करीब दस लाख से ज्यादा का प्रसाद बिक गया था। सोमवार सुबह कई भी भक्तों की भीड़ रहने से सभी काउंटरों से प्रसाद खत्म हो गया था। तत्काल ही मंदिर समिति द्वारा प्रसाद की व्यवस्था की गई। यह प्रसाद भी दोपहर तक खत्म होने की संभावना जताई गई है। एक काउंट से रविवार को पौने चार लाख, दूसरे काउंटर से तीन लाख का प्रसाद बिका था। सोमवार सुबह मंदिर परिसर के एक काउंटर से डेढ़ लाख और दूसरे काउंटर से एक लाख का प्रसाद बिक गया था।
मंदिर समिति ने एक माह पहले दी थी अनुमति : महाकाल मंदिर प्रशासन के समन्वय की कमी की वजह रविवार को प्रवचन हाल में कालसर्प दोष की पूजा को लेकर हंगामा हो गया था। जिसका पटाक्षेप रात आठ बजे रसीद काटने के बाद हुआ। दरअसल यूपी के वृंदावनधाम के पं. दीपक कृष्ण शास्त्री के साथ सौ से ज्यादा जजमान महाकाल मंदिर में कालसर्प दोष पूजन के लिए आए थे। इन्होंने स्थानीय विजय तोमर के माध्यम से मंदिर समिति से रसीद कटाकर अनुमति ले ली थी। प्रवचन हाल में कालसर्प दोष पूजन की जानकारी स्थानीय पंडितों को लगी तो उन्होंने विरोध किया। मंदिर प्रशासन समिति और स्थानीय पंडितों के बीच समन्वय नहीं होने से हंगामा हो गया। जब शास्त्री ने पंडितों को रसीद और अनुमति दिखाई तो उन्होंने एक और रसीद कटाने की जानकारी दी, जिसे कटाने के बाद विवाद का पटाक्षेप हो गया।
इधर फिर रामघाट से श्रद्धालु की पेंट चोरी
रामघाट पर चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को दोपहर तीन बजे एक श्रद्धालु की पेंट बदमाश उस समय उठा ले गए जब वे स्नान के लिए शिप्रा में डुबकी लगा रहे थे। वापस लौटने पर उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस पर एक सीसीटीवी कैमरे में दो युवक पेंट ले जाते हुए कैद हुए। स्थानीय पंडे,पुजारियों का कहना है कि यहां पुलिस व्यवस्था कमजोर होने से हर दिन वारदात हो रही है।