- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
- बसंत पंचमी पर महाकाल दरबार पीले रंग में सजा, आज से होली तक रोज अर्पित होगा गुलाल
- महाकाल मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; शेषनाग मुकुट और रजत मुण्ड माला में सजे बाबा महाकाल
- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
श्रीकृष्ण की भक्ति मेें डूबी महाकाल की नगरी
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिये महाकालेश्वर की नगरी सज धज कर तैयार हो चुकी है। सुबह से ही मंदिरों के साथ घरों में जन्मोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। महिलाओं ने द्वारों पर आम के पत्ते, फूलों आदि से वंदनवार बनाकर लगाये हैं तो मंदिरों को भी आकर्षक रूप से सजाया गया है। रात में शहर के विभिन्न स्थानों पर मटकी फोड़ का आयोजन भी होगा।पूरे देश के साथ उज्जैन में भी जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। छत्रीचौक स्थित गोपाल मंदिर, फ्रीगंज स्थित छोटा गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम, इस्कॉन मंदिर सहित शहर के सभी कृष्ण मंदिरों में आकर्षक साज सज्जा, विद्युत सज्जा के अलावा झांकियां भी निर्मित की गई हैं। मंदिरों में लोगों की भीड़ सुबह से ही लगना शुरू हो चुकी थी।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से सभी प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मंदिरों के अलावा रात 12 बजे लोगों द्वारा अपने-अपने घरों में भी श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जायेगा। इसके लिये बाजारों में मुख्य प्रसाद के रूप में पंजीरी, ककड़ी आदि की दुकानें सजी हैं। गोपाल मंदिर पर 10 रुपये की 80 ग्राम पंजीरी के पैकेट ठेलों पर बिक रहे थे वहीं भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों के लिये आकर्षक और विशेष श्रृंगारित पोषाकें भी बाजार में उपलब्ध हैं । गोपाल मंदिर क्षेत्र में लोगों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के दर्शनों के पश्चात प्रसाद, पोषाकें आदि की खरीदी जोरशोर से की जा रही है।