- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
श्रीकृष्ण की भक्ति मेें डूबी महाकाल की नगरी
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिये महाकालेश्वर की नगरी सज धज कर तैयार हो चुकी है। सुबह से ही मंदिरों के साथ घरों में जन्मोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। महिलाओं ने द्वारों पर आम के पत्ते, फूलों आदि से वंदनवार बनाकर लगाये हैं तो मंदिरों को भी आकर्षक रूप से सजाया गया है। रात में शहर के विभिन्न स्थानों पर मटकी फोड़ का आयोजन भी होगा।पूरे देश के साथ उज्जैन में भी जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। छत्रीचौक स्थित गोपाल मंदिर, फ्रीगंज स्थित छोटा गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम, इस्कॉन मंदिर सहित शहर के सभी कृष्ण मंदिरों में आकर्षक साज सज्जा, विद्युत सज्जा के अलावा झांकियां भी निर्मित की गई हैं। मंदिरों में लोगों की भीड़ सुबह से ही लगना शुरू हो चुकी थी।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से सभी प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मंदिरों के अलावा रात 12 बजे लोगों द्वारा अपने-अपने घरों में भी श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जायेगा। इसके लिये बाजारों में मुख्य प्रसाद के रूप में पंजीरी, ककड़ी आदि की दुकानें सजी हैं। गोपाल मंदिर पर 10 रुपये की 80 ग्राम पंजीरी के पैकेट ठेलों पर बिक रहे थे वहीं भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों के लिये आकर्षक और विशेष श्रृंगारित पोषाकें भी बाजार में उपलब्ध हैं । गोपाल मंदिर क्षेत्र में लोगों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के दर्शनों के पश्चात प्रसाद, पोषाकें आदि की खरीदी जोरशोर से की जा रही है।