- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 08-08-2026
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 06-08-2026
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 05-08-2026
- नागदा रेलवे बायपास परियोजना पर बढ़ा विरोध, भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावितों ने आंदोलन की दी चेतावनी
- उज्जैन में तैयार हो रही अत्याधुनिक कैंसर और हार्ट जांच की दवाइयां, रात में निर्माण के पीछे है बड़ा वैज्ञानिक कारण
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 08-08-2026
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन कर घंटी बजाई गई, जिसके बाद भगवान से आज्ञा लेकर सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए। इसके पश्चात गर्भगृह के पट खोलकर भगवान को जल से स्नान कराया गया। नंदी हाल में भी नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया।
जल से भगवान का अभिषेक करने के पश्चात भगवान महाकाल का पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से अभिषेक किया गया। कपूर आरती उपरांत महाकालको रजत ॐ, बिल्वपत्र मुकुट और रुद्राक्ष की माला धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया। भगवान के मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल सजाया गया। साथ ही डमरू और शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित की गई। इसके बाद, महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई और भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवा निराकार से साका रूप में दर्शन देते हैं।
इस अवसर पर बाबा महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्ड माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण की। भगवान को मोगरे और गुलाब के सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। बाबा को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। जैसे ही मंदिर के पट खुले, चारों ओर “जय श्री महाकाल” की गूंज सुनाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।