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सफाईकर्मी को आत्महत्या के लिये मजबूर करने वाले नगर निगम के जमादार और दरोगा के खिलाफ केस
मृत्यु पूर्व लिखा सुसाइड नोट बना आधार
राजेश गोसर ने मृत्यु पूर्व सुसाइड नोट लिखा था जिसमें उल्लेख था कि नगर निगम दरोगा लालू पिता मन्नूलाल गोसर निवासी नलिया बाखल और जमादार फरीद पिता शकील मोहम्मद निवासी हेलावाड़ी द्वारा ड्यूटी पर जाने के बाद भी अनुपस्थिति लगाई जाती है और पेमेंट भी समय पर नहीं दिया जाता। उक्त दोनों व्यक्तियों द्वारा दूसरे कर्मचारियों का काम भी राजेश गोसर से कराया जाता था। इससे प्रताडि़त होकर आत्महत्या कर रहा हूं। पुलिस ने उक्त सुसाइड नोट बरामद करने के बाद लालू गोसर और फरीद के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
दो इंजीनियर हो चुके हैं नौकरी से बर्खास्त
दो माह पहले नगर निगम ठेकेदार शुभम खंडेलवाल को नगर निगम इंजीनियर संजय खुजनेरी और नरेश जैन द्वारा प्रताडि़त किया गया था जिसके बाद शुभम ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में चिंतामण थाना पुलिस ने जांच के बाद दोनों इंजीनियरों सहित एक अन्य ठेकेदार को गिरफ्तार किया था। मामले में आयुक्त नगर निगम द्वारा दोनों इंजीनियरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था और अब इसी प्रकार का मामला दरोगा लालू गोसर व जमादार फरीद का सामने आया है।
यह था मामला
राजेश पिता कैलाशचंद्र गौसर 38 वर्ष निवासी कोट मोहल्ला महाकाल नगर निगम में सफाई कर्मचारी था और सुदामा नगर वार्ड में सफाई कार्य करता था। 10 अक्टूबर को राजेश गोसर ने इंदौर में रहने वाले भतीजे को फोन किया और बताया कि मैं जा रहा हूं, मेरी आखिरी राम राम। भतीजे ने राजेश के परिजनों को इसकी सूचना दी जिसके बाद सभी लोग सुदामा नगर स्थित बनखण्डी हनुमान मंदिर के कुएं के पास पहुंचे। यहां राजेश गोसर का गमछा, चप्पल मुंडेर पर पड़े थे। गोताखोरों ने कुए में उतरकर शव की तलाश की और देवासगेट पुलिस को सूचना दी।