- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
सबसे छोटी ग़ज़ल में सिर्फ चार मात्राएँ, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज
उज्जैन | शहर के कवि, लेखक, गीतकार, शायर मोहम्मद आरिफ द्वारा लिखी विश्व की सबसे छोटी चार मात्राओं वाली गजल रविवार को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड मनीष विश्नोई ने आरिफ को प्रेस क्लब में प्रमाण पत्र प्रदान किया। मोहम्मद आरिफ द्वारा लिखी यह गजल दुनिया की सबसे छोटी चार मात्राओं वाली गजल है, यह गजल बहर-ए-मीर और मात्रिक बहर के नाम से जानी जाती है। यह गजल मात्र एक चरण या अर्कान फैलून (चार मात्रा) पर लिखी है। गजल में नौ शेर हैं। मोहम्मद आरिफ दिव्यांग हैं और शाउमावि तालोद में 14 वर्षों से शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।