- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
- महाकाल मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती, वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद खुले गर्भगृह के पट; शेषनाग मुकुट में सजे बाबा महाकाल!
- स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, महाकाल का हुआ पंचामृत अभिषेक; भांग-चंदन और गुलाब माला से हुआ दिव्य श्रृंगार!
- भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले उज्जैन में प्रार्थना: शिवलिंग के सामने रखी खिलाड़ियों की तस्वीरें, क्रिकेट फैंस ने मांगा आशीर्वाद
सांसद चिंतामणि मालवीय के खिलाफ केस दर्ज
उज्जैन. महाकाल मंदिर में प्रवेश के दौरान पुलिस को गाली देना भाजपा सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय को भारी पड़ गया है। पुलिस ने शनिवार को उनके खिलाफ एक दर्जन धाराओं में केस दर्ज किया। सांसद के अलावा पुलिस ने अन्य 8 लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
महाकाल पुलिस ने सांसद के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, धमकी देने, अपशब्द कहने और महाकालेश्वर मंदिर एक्ट के तहत करीब एक दर्जन धाराओं में केस दर्ज किया है।
सांसद ने शुक्रवार को मंदिर में प्रवेश के दौरान पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहे थे, जिसका वीडियाे वायरल होने पर सांसद प्रो. मालवीय ने इसे हेलीपेड पर पुलिस के रवैए से जोड़ते हुए कहा- एक अतिवाद व्यवहार की प्रतिक्रिया में दूसरा अतिवाद स्वाभाविक है।घटना शुक्रवार दोपहर पौने दो बजे की हैं। मुख्यमंत्री चौहान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। उनके प्रवेश के बाद पुलिस ने धर्मशाला वाले वीआईपी गेट को बंद कर दिया। सांसद प्रो. मालवीय समर्थकों के साथ पहुंचे, बेरिकेड्स हटवाते हुए भीतर घुस गए। पलटकर पुलिस वालों को अपशब्द कहे। प्रो.मालवीय बोले- सुबह पुलिस ने हेलीपेड पर भाजपा नगराध्यक्ष को रोककर उनका अपमान किया। कार्यकर्ताओं से किया व्यवहार भी नाकाबिल-ए-बर्दाश्त था।
क्या हुआ था सुबह : सुबह मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अगुवाई करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता हेलीपेड पर नाराज हो गए। यहां एएसपी अभिषेक दीवान ने आचार संहिता का हवाला देते हुए कुछ प्रमुख लोगों को भीतर प्रवेश दिया और बाकी सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक दिया। वे भीतर जाने की जिद पर अड़े रहे। बात नहीं बनी तो भाजपाइयों ने तय किया कि भीतर कोई नहीं जाएगा। ये बेरिकेडिंग के बाहर खड़े हो गए। बाद में एसपी सचिन अतुलकर समझाने पहुंचे, लेकिन नहीं माने। इस बीच भीड़ में से एक कार्यकर्ता ने पुलिस से सवाल किया- कहीं आपको ऐसा तो नहीं लग रहा कि हमारी सरकार नहीं आने वाली हैं। यह सुन विधायक डॉ.मोहन यादव ने उन्हें चुप करवाया।