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सोमवती अमावस्या के पर्व पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु:शिप्रा नदी के रामघाट और सोमतीर्थ कुंड पर पितरों की शांति के लिए दान पुण्य
बाबा महाकाल की नगरी में सोमवार को शिप्रा नदी के रामघाट और सोमतीर्थ कुंड पर सोमवती अमावस्या के पुण्य स्नान का लाभ कमाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालू पहुंचे। आज के दिन पितरों की शांति के लिए दान पुण्य करने का विशेष महत्त्व होता है।
पंडित महेंद्र जोशी ने बताया कि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की सोमवती अमावस्या पर मोक्ष दायिनी शिप्रा नदी में डुबकी लगाकर स्नान करने और उसके बाद दान पुण्य करने का बड़ा महत्व है। अल सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रामघाट और सोमतीर्थ कुंड पर पहुंचने लगी थी। आज के दिन पितरों की शांति के लिए विशेष दान पुण्य किया जाता है। पंचांग की गणना से देखे तो अमावस्या पर सोमवार का दिन धनिष्ठा नक्षत्र परिघ योग उपरांत शिवयोग, नाग करण तथा कुंभ राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। इस प्रकार के योग संयोग में देवी लक्ष्मी की आराधना तथा पितरों के निमित्त तर्पण पिंडदान करने से अनुकूलता प्राप्त होती है। अमावस्या पर बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु शिप्रा तट और सोमतीर्थ कुंड में स्नान करते है।

30 वर्ष बाद कुंभ राशि के चंद्र, शनि और सूर्य का संयोग
शनि का एक राशि में परिवर्तन ढाई साल के बाद होता है पुन: इसी राशि में आने में करीब 30 वर्ष का समय लगता है। इस दृष्टि से शनि का कुंभ राशि में आना और अमावस्या पर सूर्य, चंद्र के साथ यूति बनाना पितृ कर्म के दृष्टिकोण से विशेष माना जाता है।
सोम तीर्थ पर स्नान का महत्व
स्कंद पुराण के अवंती खंड में सोमेश्वर तीर्थ की पारंपरिक मान्यता है। सोमवार के दिन अमावस्या आने पर यहां पर सोमेश्वर का पूजन किया जाता है। स्नान की परंपरा तथा दान की मान्यता यहां पर बताई गई है। बच्चों की जन्म कुंडली में चंद्रमा का कमजोर होने से वायव्य प्रभाव होता है। इस दोष को दूर करने के लिए चंद्रमा की सफेद वस्तुओं जैसे कच्चा दूध,आटा, साबूदाना, शक्कर का दान करने से एवं सोम तीर्थ पर पूजन अभिषेक करने से अनुकूलता प्राप्त होती है।
तैराक दल को सुरक्षा के लिए लगाया
सोमवती अमावस्या पर्व पर होने वाले स्नान के लिए बड़ी संख्या में रामघाट पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के माँ शिप्रा तैराक दल तैनात रहा। दल के संतोष सोलंकी ने बताया कि सुबह से रामघाट पर भक्तों का जमावड़ा है। इनकी सुरक्षा के लिए तैराक दल की ड्यूटी लगायी गई है।