- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
सोमवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल का गणेश रूपी श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया। इसके बाद रजत के आभूषणों और भांग, चंदन, सूखे मेवे से भगवान महाकाल का गणेश रूपी दिव्य श्रृंगार किया गया।
मस्तक पर रजत त्रिपुण्ड, चंद्र के साथ त्रिनेत्र शेषनाग का रजत का मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर धारण कर सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला अर्पित की भगवान महाकाल को। नवीन वस्त्र अर्पित कर फल और मिष्ठान का भोग लगाया।
भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।