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हमारी तैयारी:बेरिकेडिंग वाले कंटेनमेंट फिर बनेंगे, मरीजों की होगी निगरानी
कोरोना की दूसरी लहर से जिले में फिर से वही पहले जैसे बड़े व सख्त इंतजाम करना पड़ रहे हैं। अब फिर से कंटेनमेंट जोन बनेंगे। इनमें बेरिकेडिंग होगी और पॉजिटिव मरीजों के घरों के आसपास पोस्टर भी लगाए जाएंगे। यदि इन पोस्टर को किसी ने फाड़ा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। मंगलवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने इंसीडेंट कमांडर्स और आरआरटी के डॉक्टरों की बैठक ली।
बैठक में आरआरटी प्रभारी डॉ. रौनक एलची ने जानकारी दी कि अभी शहर में कुल 24 टीम कार्यशील हैं। कलेक्टर ने प्रत्येक टीम में 1 पुलिसकर्मी और एम्बुलेंस के निर्देश दिए। उन्होंने कहा संक्रमण को धीमा करके ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों का प्रबंधन किया जा सकेगा। सभी अधिकारी लगातार कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण करते रहें। एक्टिव मरीजों पर निगरानी रखने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भी ड्यूटी लगाने के भी उन्होंने निर्देश दिए।
वैक्सीनेशन की सुस्ती दूर करना होगी
वैक्सीनेशन में उज्जैन टारगेट से पिछड़ गया है। जिले में दो लाख 73 हजार 808 लोगों को टीका लगाए जाने का टारगेट है, जिनमें से 64 हजार 175 लोगों को पहला टीका लगाया जा चुका है तथा 14 हजार 337 लोगों को दूसरा डोज लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 25 हजार 678 बुजुर्गों को टीके लगाए जाने का टारगेट है, जिनमें से अब तक 35 हजार 203 लोगों को ही टीके लगाए जा सके हैं।
फ्री इलाज की बढ़ाई जा रही सुविधाएं
मरीज कम होते ही खत्म की गई कोविड सेंटर और आरडी गार्डी की सुविधाएं फिर लेना शुरू कर दी गई हैं। भास्कर द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद पहले 75 बेड आरडी गार्डी में फ्री इलाज के लिए आरक्षित किए गए। अब कोरोना की रफ्तार को देखते हुए प्रशासन ने 200 बेड के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। अगर इसे स्वीकृति मिलती है, तो उज्जैन के मरीजों को काफी राहत मिलेगी।