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हिंगोट चलाने और आतिशबाजी करने पर 8 युवकों के खिलाफ केस दर्ज
कार्तिक शुक्ल की चतुर्दशी पर रविवार देर रात हरि-हर का मिलन हुआ। इस दौरान सवारी देखने आए लोगों ने प्रतिबंध के बावजूद जमकर पटाखे और हिंगोट एक-दूसरे पर छोड़े। आतिशबाजी से पटनी बाजार के एक घर में आग लग गई। इसके बाद यहां तैनात पुलिस एक्शन में आई है, आतिशबाजी करने वालों पर लाठी भांजी। इस दौरान करीब 6 लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
रात 11 बजे महाकाल मंदिर से सवारी में लाव-लश्कर के साथ भगवान महाकाल गोपाल मंदिर में हरि मिलन के लिए निकले। कोरोना काल के दो वर्ष बाद मिली छूट के बाद साल में एक बार रात में निकलने वाली बाबा की सवारी में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। इस दौरान गुदरी चौराहे से लेकर गोपाल मंदिर तक कई लोग सड़क पर आतिशबाजी कर हिंगोट चलाते रहे, जिससे कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ लोग घायल होते-होते बचे।

आतिशबाजी कर रहे लोगों को पुलिस ने समझाया, नहीं मानने पर जमकर लाठी भांजी।
इस दौरान उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह, एडीएम संतोष टैगोर, एसपी सत्येंद्र शुक्ल ,एडिशनल एसपी आकाश भूरिया, सीएसपी विनोद कुमार मीणा, टीआई मुनेंद्र गौतम समेत आला अधिकारियों ने लोगों को समझाया। इसके बाद भी कई लोग नहीं माने और पटाखे से पटनी बाजार स्थित एक घर में आग लग गई। रहवासियों ने तत्काल पानी डालकर आग बुझा दी। इसके बाद पुलिस एक्शन में आई और आतिशबाजी कर रहे लोगों को दौड़ाकर पीटा।

पुलिस ने लाठी भांजी तो लोग बचने के लिए भागे। जवानों ने पीछाकर पीटा।
प्रतिबंध के बाद भी नहीं माने लोग
एडीएम संतोष टैगोर ने सुरक्षा की दृष्टि से भगवान महाकाल की रात्रि में निकलने वाली सवारी के दौरान होने वाली आतिशबाजी के लिए दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए थे। एसएसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया- प्रतिबंध के बाद भी लोग नहीं मान रहे थे। आतिशबाजी कर रहे लोगों पर कार्रवाई की गई है। करीब 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने सख्ती दिखाई तो कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

पुलिस आतिशबाजी नहीं करने का कहती रही, लेकिन कुछ लोग मानने को तैयार नहीं थे।
