- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
03 हजार कावड़िए, 01 किलोमीटर लंबी भगवा यात्रा, जयकारे के साथ महाकाल को चढ़ाया त्रिवेणी का जल
उज्जैन । उज्जयिनी बुधवार को धर्ममय नजर आई, जब समर्पण कावड़ यात्रा संघ के 3 हजार कावड़िए एक साथ भगवा वस्त्र पहने कावड़ लेकर निकले। 1 किमी लंबी यात्रा बांसवाड़ा राजस्थान के संत उत्तम स्वामी के नेतृत्व में निकली कावड़ का पूजन करने के बाद सुबह 9 बजे कावड़िए त्रिवेणी संगम से जल लेकर निकले। यात्री दोपहर 1 बजे टॉवर पहुंचे। यात्रा को मप्र पर्यटन निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक, विधायक डॉ. मोहन यादव ने भी संबोधित किया। सभा बाद यात्रा महाकाल मंदिर पहुंची। यात्रा के संयोजक राम भागवत ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाएं पहली बार अपने क्षेत्रों के कुएं, बावड़ी, तालाब आदि का भी कावड़ में जल भरकर लाई व महाकाल काे अर्पित किया।
महाकाल मंदिर में भस्मारती गेट से प्रवेश, गर्भगृह में 6 कावड़िए गए
महाकाल मंदिर में प्रशासन ने कावड़ियों को भस्मारती गेट से प्रवेश देकर सभामंडप में लगे पात्र से जल चढ़वाया। यात्रा प्रमुख उत्तम स्वामी महाराज सहित 6 लोगों ने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाया। नंदीहॉल में पुजारी प्रदीप गुरु ने पूजन कराया। यात्रियों ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।