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12 साल की उम्र में 31 दिन का कठोर तप, आशीर्वाद देने घर पहुंचे आचार्य
उज्जैन। 12 वर्ष की उम्र में 31 दिन गर्म जल आधारित उपवास करने वाली सेठी नगर निवासी कुमारी लब्धि कटकानी के घर खुद आचार्यश्री नरदेव सागरजी पहुंचे। नन्ही उम्र में अपनी इंद्रियों पर काबू व प्रबल इच्छा शक्ति से इस बालिका ने श्वेतांबर जैन समाज की सबसे कठिन मासक्षमण की तपस्या पूर्ण की। कोरोना संकट के चलते सादगीपूर्ण कार्यक्रम में लब्धि को पारणा कराया गया।
आठ उपवास करने की इच्छा जताई थी
पिता मंगलेश व माता खुशबू की सुपुत्री लब्धि ने शुरुआती दौर में आठ उपवास करने की इच्छा जताई थी, लेकिन आगे उसके भाव और बढ़े और उसने 31 दिनों तक गर्म जल आधारित उपवास किए। इसके पारणे के अवसर पर आचार्यश्री नरदेव सागर सूरीजी, मुनी पदम कीर्ति विजयजी, आचार्य मुक्तिसागर सूरीजी की प्रेरणा से मुनि अचल मुक्ति सागरजी सहित अन्य साधु-साध्वी लब्धि के निवास पहुंचे। यहां मुनि मंडल ने लब्धि को आशीर्वाद दिया व वास्तक्षेप प्रदान किया। इसके बाद परिवारजनों की मौजूदगी में उसे पारणा कराया गया। इस दौरान श्री ऋषभदेव-छगनीराम पेढ़ी ट्रस्ट, हीर विजय सूरी बड़ा उपाश्रय ट्रस्ट, अरिहंत सोशल ग्रुप, जैन श्वेतांबर छोटे साथ ओसवाल समाज, सुभाष नगर व लक्ष्मी नगर जैन श्री संघ सहित अन्य संस्थाओं ने लब्धि का शॉल व मोती की माला पहनाकर बहुमान किया। इस अवसर पर सोहनलाल कटकानी, विजय वोहरा, शंकर मुणत, राजेन्द्र चेलावत, यतिश बोहरा, अजित नलवाया, गुणवंत शाह, सीमा शाह, नरेंद्र जैन दलाल, पारस हरणिया, रितेश जैन मिर्चीवाला, सरोज वोहरा, अजय जैन, चेतन लुक्कड़, अनुपम जैन, अंजु मुणत, हेमंत जैन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।