- बाबा महाकाल की शरण में पहुंचीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में हुईं शामिल
- उज्जैन में बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार: भांग, चंदन और त्रिपुंड से सजे राजाधिराज, भस्म आरती में उमड़ी आस्था
- उज्जैन में किसान कांग्रेस के प्रदर्शन पर बढ़ा तनाव, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प; तीन लोगों को हिरासत में लिया गया
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद राजाधिराज स्वरूप में हुए बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
24/84 श्री महालयेश्वर
24/84 श्री महालयेश्वर :
एक बार पार्वती जी ने शिव जी से पूछा कि सारे संसार में चर-अचर जो दिखाई देता है ओर जो सुनाई देता है सभी आप ने उत्पन्न किया है। इसके साथ ही संपूर्ण जगत आप में ही लीन होता है। इस पर शिव ने कहा देवी पार्वती महाकाल वन में प्रलय के समय मैने यह धारण किया हुआ है। इसका नाम महालयेश्वर है। इस शिवलिंग से ब्रम्हा, विष्णु, देवी-देवता, भूत, बुद्धि, प्रज्ञा, धृति, ख्याति, स्मृति, लज्जा, सरस्वति सभी उत्पन्न हुए है ओर प्रलय के समय सभी इसी में लीन होते है। मान्यता है कि जो भी इस शिवलिंग का पूजन करता है। वह त्रिलोक विजयी होता है।