- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
3 से 12 मार्च तक मनेगा महाशिवरात्रि पर्व,12 मार्च को दोपहर में होगी भस्मार्ती
मंदिर समिति की बैठक में लिए सुझाव अंतिम फैसला अगली बैठक में
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की शुरुआत 3 मार्च से होगी। प्रतिदिन भगवान के अलग-अलग श्रृंगार व पूजन अर्चन होगा। मंदिर की दर्शन सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सुबह महाकाल मंदिर प्रवचन हॉल में कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक में सुझाव लिए। इन पर निर्णय अगली बैठक में होगा।
11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व है और वर्ष में एक बार दोपहर में होने वाली भस्मार्ती 12 मार्च को होगी, लेकिन पौरिणक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शिवरात्रि पर्व की शुरूआत महाकालेश्वर मंदिर में 3 मार्च से होगी। इस दौरान 11 मार्च तक भगवान महाकालेश्वर के विभिन्न श्रृंगार व पूजन होंगे। महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था को लेकर कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी सत्येन्द्र कुमार शुक्ल ने मंदिर समिति के सदस्यों से चर्चा की। जिसमें यह सुझाव सामने आए कि दर्शन व्यवस्था ऑनलाइन ही रहे। शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की कतार हरसिद्धि मंदिर की ओर से लगाई जाए। साथ ही पास व्यवस्था को सीमित करते हुए मीडिया के प्रवेश पर भी उचित निर्णय लिया जाए। सभी सदस्यों से विचार विमर्श के बाद कलेक्टर ने कहा कि सुझावों के मद्देनजर अगली मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मंदिर में निर्माण कार्य भी चल रहे है और पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुने श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।