- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
30 घंटे से लगातार खुला है गंभीर डेम का एक गेट
उज्जैन:वर्षों बाद ऐसी स्थिति बनी कि गंभीर बांध के गेट एक मानसून सीजन में 10 से अधिक बार खोलने पड़े हों, जबकि पिछले 30 घंटों से गंभीर का एक गेट खुला है। अधिकारियों का कहना है कि जिले भर में लगातार हो रही बारिश के कारण ऐसी स्थिति बनी है। इधर रात में बारिश रुकने के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हुआ, लेकिन सुबह 10 बजे से पुन: रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया।
जिले की औसत बारिश 36 इंच के आंकड़े को पार करते हुए इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा ३९ इंच को पार कर चुका है। पिछले तीन दिनों से लगी बारिश के झड़ी के कारण गंभीर बांध, शिप्रा नदी सहित सभी छोटे-बड़े तालाब लबालब हो चुके हैं। गंभीर बांध में तेजी से पानी की आवक होने के कारण सोमवार सुबह 6 बजे एक गेट को 1 मीटर खोला गया था जो 30 घंटे बीत जाने के बाद भी खुला रहा। अधिकारियों ने बताया कि बांध की क्षमता 2250 एमसीएफटी है, लेकिन फिलहाल 2100 एमसीएफटी पर मेंटेन करते हुए डेम के गेट खोले गये हैं।
कैचमेंट एरिया में बारिश रात में रुकी रही उसके बावजूद डेम में पानी की आवक जारी है। इधर सोमवार को झमाझम बारिश के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता गया और शाम तक छोटे पुल से 12 फीट ऊपर तक नदी में पानी बह रहा था। रात से बारिश थमने के बाद नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ और सुबह छोटे पुल से 6 फीट ऊपर पानी बह रहा था। सुबह 10 बजे से शहर में एक बार फिर रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो चुका था।