- महाशिवरात्रि पर उज्जैन उमड़ा आस्था का सैलाब: अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, आज 10 लाख का अनुमान
- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
60 फीट ऊंचे चढ़ाव से होंगे नागचंद्रेश्वर के दर्शन
उज्जैन । महाकाल मंदिर में श्रावण मास के दौरान आने वाले नागपंचमी पर्व पर वर्ष में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेवर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने-जाने हेतु 60 फीट ऊंचे लोहे के एंगल लगाकर अस्थाई चढ़ाव बनाए जाएंगे।
मंदिर प्रबंध समिति इस कार्य में 99500 रुपए खर्च करेगी। हर वर्ष पर्व के दौरान यहां अस्थाई चढ़ाव का निर्माण किया जाता हैं। इस बार चढ़ाव बनाने का ठेका भाव आमंत्रण में सबसे कम रेट के आधार पर शिवशक्ति नगर के कैलाश पांचाल को दिया है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के निर्देशन में चढ़ाव निर्माण किए जाएंगे। मंदिर समिति के अधिकारियों के मुताबिक लोहे के चढ़ाव जमीन से 60 फीट ऊंचे व पक्के निर्माण की रैंप से जुड़ने के बाद 20 फीट ऊंचे होंगे। नागपंचमी 28 जुलाई को है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एसएस रावत ने पर्व की तैयारियां शुरू करते हुए 15 जुलाई से पहले चढ़ाव बनाने के आदेश जारी कर दिए है। प्राचीन समय से नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचने का एक ही चढ़ाव नुमा मार्ग है जो काफी सकरा है। नागपंचमी पर लाखों लोग उमड़ते हैं। इसलिए मंदिर प्रबंध समिति अस्थाई लोहे के चढ़ाव बनवाती है।