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60 फीट ऊंचे चढ़ाव से होंगे नागचंद्रेश्वर के दर्शन
उज्जैन । महाकाल मंदिर में श्रावण मास के दौरान आने वाले नागपंचमी पर्व पर वर्ष में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेवर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने-जाने हेतु 60 फीट ऊंचे लोहे के एंगल लगाकर अस्थाई चढ़ाव बनाए जाएंगे।
मंदिर प्रबंध समिति इस कार्य में 99500 रुपए खर्च करेगी। हर वर्ष पर्व के दौरान यहां अस्थाई चढ़ाव का निर्माण किया जाता हैं। इस बार चढ़ाव बनाने का ठेका भाव आमंत्रण में सबसे कम रेट के आधार पर शिवशक्ति नगर के कैलाश पांचाल को दिया है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के निर्देशन में चढ़ाव निर्माण किए जाएंगे। मंदिर समिति के अधिकारियों के मुताबिक लोहे के चढ़ाव जमीन से 60 फीट ऊंचे व पक्के निर्माण की रैंप से जुड़ने के बाद 20 फीट ऊंचे होंगे। नागपंचमी 28 जुलाई को है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एसएस रावत ने पर्व की तैयारियां शुरू करते हुए 15 जुलाई से पहले चढ़ाव बनाने के आदेश जारी कर दिए है। प्राचीन समय से नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचने का एक ही चढ़ाव नुमा मार्ग है जो काफी सकरा है। नागपंचमी पर लाखों लोग उमड़ते हैं। इसलिए मंदिर प्रबंध समिति अस्थाई लोहे के चढ़ाव बनवाती है।