- गंगा दशहरा पर महाकाल मंदिर में शुरू हुई 16 घंटे की अखंड नृत्य आराधना, शयन आरती तक कलाकार देंगे नृत्यांजलि
- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
समस्या सीमा पर नहीं, दिल्ली में थी, राजनीतिक इच्छा शक्ति से फैसला- युगपुरुष परमानंदजी
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 व 35 ए हटाए जाने के फैसले पर महामंडलेश्वर स्वामी युगपुरुष परमानंदजी ने कहा कि समस्या सीमा पर नहीं, दिल्ली में थी। राजनीतिक इच्छा शक्ति के कारण फैसला नहीं हो पा रहा था।
यहां श्रावण में चारधाम मंदिर आए स्वामीजी ने सोमवार को अपने प्रवचन में इस मुद्दे का जिक्र किया। उनका कहना था कि यह स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने कहा हम राजनीति नहीं करते, यह हमारा विषय भी नहीं है। यदि हम दिल से निर्णय लेंगे तो वह सर्वहितकारी ही होगा। उन्होंने कहा गुरुपूर्णिमा के दिन हम अपने गुरु का पाद पूजन करते थे। आज हमारे शिष्य हमारा पाद पूजन कर रहे हैं। गौरतलब है कि स्वामी शांतिस्वरूपानंदजी उनके शिष्य हैं। शांतिस्वरूपानंदजी द्वारा मंगलवार को गुरु पाद-पूजन किया जाएगा।
हरि गिरि बोले- कश्मीर के लाेग सहयोग करें
अभा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बधाई देते हुए इसे भारत की विश्व पटल पर छवि स्थापित करने का साहसिक कार्य बताया। हरि गिरि ने कहा कश्मीरवासियों को अब अपने प्रदेश की तरक्की में सहयोग करना चाहिए।
शिवराज बोले- नेहरू की गलती, भाजपा ने सुधारी
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को महाकालेश्वर के दर्शन के बाद मीडिया से कहा यह ऐतिहासिक फैसला है। एक संकल्प पूरा हुआ है। सही मायने में स्व. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को यह सच्ची श्रद्धांजलि है। अब तक लोग निजी स्वार्थ और वोटों की राजनीति करते थे। नेहरू के द्वारा की गई गलती भाजपा ने सुधारी है।
शहर में जश्न…धारा 370 हटने के बाद शहर के युवाओं ने टावर पर पटाखे छोड़े। अन्य क्षेत्रों में लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी।