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परिवार से दूर बिना खौफ के लोगों की जिंदगियां बचाने में जुटे कोरोना वॉरियर्स
अमूल्य योगदान देश सेवा की खातिर
एक ओर कोरोना वायरस का कहर शहर मेें बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस जवान अपने परिवार से दूर रहकर जानलेवा बीमारी से बेखौफ होकर लोगों की जिंदगियां बचाने में लगे हैं। यह वही कोरोना वॉरियर्स हैं जो मुश्किल समय में जरूरतमंदों की मदद करने में भी पीछे नहीं हट रहे।
पुलिस विभाग के यह कोरोना वॉरियर्स हैं शहर के सभी चैकपोस्ट पर भीषण गर्मी में भी मुस्तैदी से डटे हैं। तब जब आमजन में कोरोना संक्रमण का खौफ हैं। ऐसे में अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने वाले इन योद्धाओं के जज्बे को अक्षरविश्व सलाम करता है।
गौरतलब है लॉकडाउन के दौरान फील्ड पर रहने वाले पुलिस इंस्पेक्टर और जवान दिनभर कई लोगों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में संक्रमण न फैले और ड्यूटी के बाद घरवालों को भी किसी प्रकार का नुकसान न हो इस बात को ध्यान में रखकर ये कितने सजग है इसका अंदाजा इनके जज्बे से खुद ब खुद लग जाता है।
स्वयं की सुरक्षा ही दूसरों की रक्षा है–
कोतवाली सीएसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि वे अपने को सुरक्षित रखने के लिए मास्क और हैंड ग्लब्स पहनती हैं। खुद तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती ही हैं लेकिन अपने अधीनस्थों को भी हिदायत देती हैं। उनका मानना है स्वयं को सुरक्षित रखेंगे तो दूसरों को सुरक्षित रख पाएंगे। वे घर में प्रवेश करने से खुद को सैनेटाइज करती हैं। उन्होंने अपने सभी जवानों को भी सुरक्षित रहने और परिवार के सदस्यों से दूर रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा सभी चैकपोस्ट पर जवानों को मास्क और सैनेटाइजर उपलब्ध करवाती हैं।
अपनों की खातिर दूरी जरूरी–
नीलगंगा थाने के कांस्टेबल अनिल पंचौली बताते हैं कि वे ड्यूटी के बाद पुलिस थाने में पूरी तरह से सैनेटाइज होने के बाद ही घर जाते हैं। वैसे तो लॉकडाउन के शुरुाती दिनों में वह होटल में ही रुक रहे थे लेकिन अब वे घर पर जाते हैं। इसके बाद घरवाले दरवाजा खोल देते हंै। घर पहुंचकर वे जूते बाहर ही उतारते हैं। घर में किसी भी सामान को नहीं छूते हैं। वर्दी निकालने के बाद बाथरूम में नहाने जाते हैं। फिर सीधे अपने कमरे में चले जाते हैं। इन दिनों वे अपनों से दूरी बनाए हुए हैं।
फील्ड पर रखते हैं सावधानी
जिले में क्राइम देखने वाली टीम के प्रधान आरक्षक कमलसिंह ठाकुर ने बताया कि वे संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन कर रहे है। साथ ही लोगों को संक्रमण से सावधानी बरतने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हंै। वे सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक ड्यूटी पर रहते है। फील्ड पर ड्यूटी के दौरान वे बेहद सावधानी रखते हुए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करते हैं। इस दौरान जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भी सावधानी रखने की सलाह देते हैं।
कुर्सी भी घर से लाती हैं कौशल्या–
उज्जैन कंट्रोल रूम में पदस्थ सिटी नेट ऑपरेटर महिला आरक्षक कौशल्या कोरोना की चेन तोडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। वह रोजाना ऑफिस में आते ही पूरे कंट्रोल रूम को सैनेटाइज करती है, यहां तक कि स्वयं की कुर्सी भी घर से सैनेटाइज कर कंधों पर बांध कर लाती हंै और अपने कर्तव्य का जागरूकता के साथ निर्वहन कर रही हैं।