- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
- भारतीय टीम के खिलाड़ी नितेश कुमार रेड्डी पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल!
- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
कांग्रेस में महापौर का विवाद गहराया, 5 घंटे तक वन टू वन चर्चा चली
प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश्वर पटेल की रिपोर्ट के आधार पर शहर में महापौर प्रत्याशी का नाम होगा तय
उज्जैन। प्रदेश के पांच शहरों में महापौर पद के लिए कांग्रेस संगठन और विधायकों के बीच विवाद गहराया गया है। इसमें उज्जैन भी शामिल हैं। विवाद को सुलझाने के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश्वर पटेल को उज्जैन भेजा गया था। उन्होंने गुरुवार को पांच घंटे तक शहर कांग्रेस कार्यालय में नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इसमें महापौर पद के दावेदार, पार्षद पद के दावेदार और कांग्रेस कमेटी की पदाधिकारी शामिल हैं। करीब 12 बजे शहर कांग्रेस कमेटी में कमलेश्वर पटेल पहुंच गए थे। वहां उन्होंने बंद कमरे में वन टू वन दावेदारों और नेताओं को बुलाना शुरू कर दिया था।
करीब 100 से ज्यादा नेता और पदाधिकारी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिले और अपनी -अपनी राय दी। विधायक रामलाल मालवीय ने कहा, उन्होंने संगठन को अपनी राय से अवगत करा दिया है। आगे का फैसला वरिष्ठ नेता करेंगे। विधायक महेश परमार और मुरली मोरवाल ने भी कहा, उन्होंने अपनी राय से पटेल को अवगत करा दिया है। वहीं चेतन यादव का कहना है कि उन्होंने भी अपनी बात से संगठन को अवगत करा दिया है। आगे संगठन फैसला करेगा। रवि राय, जितेंद्र गोयल, नाना तिलकर, माया राजेश त्रिवेदी, हाफिज भाई, रवि भदौरिया, अनंत नारायण मीणा, गोपाल यादव, ओमप्रकाश लोट, अशोक सारवान आदि ने अपनी राय बताई। वहीं समन्वय के लिए आए प्रदेश सचिव पटेल ने कहा, कांग्रेस के लिए काम करने वालों को पहले मौका दिया जाएगा। जो कांग्रेस में दुबारा आए हैं उन्हें इंतजार करना होगा। कांग्रेस के दावेदारों को हराने वालों की संगठन ने पहचान कर ली है। उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। यह फैसला हो चुका है।