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कहां है UJJAIN पुलिस…अब देवास रोड पर उज्जैन पब्लिक स्कूल के सामने 10वीं के छात्रों में विवाद
उज्जैन। कोरोनाकाल में करीब दो शिक्षा सत्रों में कक्षाओं से दूर रहे बच्चों के मस्तिष्क में चल रही उथल-पुथल को न तो शिक्षक समझ पा रह हैं और न ही माता-पिता। इसी का नतीजा है कि किशोरवय उम्र के इन बच्चों की नाक पर गुस्सा रखा हुआ है। जरा सी टक्कर होने या घूर कर देखने के शक का दायरा झगड़े में बदल रहा है।
चार दिन पूर्व सरस्वती शिशु मंदिर, ऋषि नगर के बाहर 10वीं के छात्रों के दो गुटों में हुए विवाद के बाद एक पक्ष के करीब 30 लोगों ने लाठी, सरिये, पाइप से लोति स्कूल के छात्रों पर एकतरफर हमला किया था। उस मामले में अभी तक पुलिस कोई सफलता प्राप्त नहीं कर सकी है वहीं नया मामला शनिवार दोपहर 1 बजे उज्जैन पब्लिक स्कूल के बाहर का आया है।
मौके पर पूर्व की तरह पुलिस थी ही नहीं। उज्जैन पब्लिक स्कूल में 10वीं बोर्ड का परीक्षा केंद्र है। यहां सरस्वती शिशु मंदिर और वर्जिन मेरी स्कूल के बच्चों के बीच विवाद हुआ। विवाद के बाद एक पक्ष के करीब 20 युवक मोटर साइकिलों पर आए तथा दूसरे पक्ष के विद्यार्थियों को मारना शुरू कर दिया। मुख्य मार्ग होने से जाम लग गया। लोग दर्शक बने रहे लेकिन किसी ने बीचबचाव नहीं किया। कंट्रोल रूम सूचना पहुंचने पर एक जवान मौके पर आया। यह वह जवान था जिसकी ड्यूटी ऋषिनगर चौराहे पर लगी थी।
प्रत्यक्षदर्शी छात्र-छात्राओं ने मौके पर बताया कि परीक्षा छूटते ही बाहरी युवक स्कूल विशेष का गणवेश पहने छात्रों पर टूट पड़े। क्राकरी का ठेला लगाने वाले बुजूर्ग ने बताया कि हम तो देखते ही रह गए, कुछ लड़के आए और मारपीट करके भाग निकले। किसी को कुछ समझ नहीं आया। छात्राएं रो रही थी तथा अपने माता-पिता को मोबाइल फोन करने के लिए अन्य लोगों से मोबाइल पर बात करवाने की रिकवेस्ट कर रही थीं।
यह हाल है थाने के
टीआई माधवनगर से सम्पर्क करना चाहा लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद था। थाने पर चर्चा की गई तो बताया गया कि उज्जैन पब्लिक स्कूल में परीक्षा के दौरान कोई पाइंट नहीं दिया गया है। बीट प्रभारी की जानकारी थाने से नहीं दी गई।