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नए निर्माण चिह्नित होंगे:सिंहस्थ क्षेत्र संरक्षित रखने के लिए, 500 वर्ग मीटर तक के भूखंड की रजिस्ट्री नहीं होगी
सिंहस्थ क्षेत्र को संरक्षित रखने के लिए प्रशासन सख्त होता दिखाई दे रहा है। मेला क्षेत्र की जमीन की 500 वर्ग मीटर तक के भूखंड की रजिस्ट्री पर रोक रहेगी। साथ ही शिप्रा नदी के 200 मीटर क्षेत्र में हो रहे नए निर्माण को चिह्नत किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार काे कलेक्टर आशीष सिंह ने टीएल मीटिंग में कार्रवाई के निर्देश दिए। इधर, जिला पंजीयक ऋतंभरा द्विवेदी ने बताया कि मेला क्षेत्र के छोटे-छोटे प्लांट-भूखंड की रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। दरअसल भू-माफिया मेला क्षेत्र की खेत की जमीन को छोटे-छोटे भूखंड में बेच देते हैं। इससे मेला क्षेत्र का दायरा कम हो रहा है।
इसे रोकने के लिए प्रशासन यह सख्ती कर रहा है। ऐसे ही शिप्रा नदी के आसपास लगभग मेला क्षेत्र ही है। इसमें भी निर्माण से मेला क्षेत्र में कमी आती है। यही वजह है कि नदी के 200 मीटर में हो रहे नए निर्माण चिह्नित किए जा रहे हैं, ताकि इन पर भी रोक लगाकर जरूरी कार्रवाई की जा सके। बैठक में आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने की समीक्षा की गई। लक्ष्य तय हुआ कि शहर में बचे 42 हजार लोगों के कार्ड जनवरी में बना दिए जाए। खाद्य विभाग को इस कार्य में सहयोग करेगा।